महासमुंद। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शराबी बेटे की हरकतों से तंग आकर पिता और नाबालिग भाई ने ही युवक की हत्या की थी। फिर अपराध छुपाने की नीयत से शव को प्लास्टिक बोरी में भरकर पत्थर से बांध कुएं में फेंक दिया था। पूरे मामले का खुलासा महासमुंद कोतवाली पुलिस ने किया है।
जानकारी के अनुसार महासमुंद कोतवाली थाना क्षेत्र के लभराखुर्द गांव में 9 अप्रैल को यशवंत चंद्राकर के मुर्गी फार्म तथा जंगल से लगे एनीकट कुएं में प्लास्टिक बोरी में भरा हुआ पानी में तैरता युवक का शव मिला था। पुलिस को 20 से 30 वर्ष के बीच के अज्ञात युवक का शव मिलने पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। पीएम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का अपराध कायम किया गया। गांव के कोटवारों, सरपंच से पूछताछ करने पर पता चला कि महेश ध्रुव का बड़ा बेटा सत्यनारायण ध्रुव कई दिनों से गांव में नहीं है। सूचना पर महेश ध्रुव को शव की शिनाख्त करने के लिए बुलाया गया। महेश ध्रुव ने शव की शिनाख्त अपने बड़े बेटे सत्यनारायण ध्रुव (27) के रूप में की।


संदेह के आधार पर मृतक सत्यनारायण के पिता महेश ध्रुव, माता अहिल्याबाई तथा छोटे नाबालिग भाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि सत्यनारायण ध्रुव शराब पीने का आदी था और शराब के नशे में अक्सर अपने माता-पिता तथा भाई के साथ गाली गलौज कर मारपीट करता था। 6 मार्च को सत्यनारायण ध्रुव अपनी माता अहिल्याबाई के साथ गाली गलौज कर मारपीट कर रहा था तब उसके छोटे भाई ने जब बीच बचाव किया तो उसे भी धकेल दिया।
फिर सत्यनारायण के नाबालिग भाई ने गुस्से में आकर घर में रखे पत्थर के सील से सत्यनारायण पर लगातार तीन–चार बार वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।फिर नाबालिग ने घर में बिखरे खून को दुपट्टे से साफ किया। कुछ देर बाद उसके पिता महेश ध्रुव आए तो देखा कि सत्यनारायण की मृत्यु हो गई है। तब महेश ध्रुव ने अपने नाबालिक बेटे के साथ शव को बोरी में भरकर कुएं में पत्थर बांधकर फेंक दिया। महेश ध्रुव द्वारा साक्ष्य छिपाना स्वीकार करने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है एवं नाबालिग को बाल न्यायालय में प्रस्तुत कर कार्यवाही की गई है।

