Rajasthan News: राजस्थान में आज यानी मंगलवार (14 अप्रैल) सुबह 8 बजे से स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। जयपुर के एक नामी डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में 24 घंटे की संपूर्ण हड़ताल का ऐलान कर दिया है। अगले दिन सुबह तक न तो ओपीडी (OPD) चलेगी और न ही आईपीडी (IPD) सेवाएं मिलेंगी।

क्यों उबल रहे राजस्थान के डॉक्टर?

दरअसल, जयपुर के निविक हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी के बाद डॉक्टरों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। आईएमए राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा का साफ कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने पहले ही अपनी जांच में किसी भी तरह की चिकित्सीय लापरवाही से इनकार किया था। डॉक्टरों का आरोप है कि मामूली अनियमितताओं को आधार बनाकर सरकार ने ‘दमनकारी’ कार्रवाई की है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लाखों की वसूली और फर्जीवाड़े का आरोप

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा विवाद अक्टूबर 2025 में दर्ज एक रिपोर्ट से शुरू हुआ। मानसरोवर थाने में जितेंद्र कुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि उनकी मां के इलाज के नाम पर अस्पताल ने लाखों रुपये वसूल लिए, लेकिन कोई पक्का बिल नहीं दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि अस्पताल ने RGHS पोर्टल पर मरीज को बार-बार डिस्चार्ज और री-एडमिट दिखाकर बिल पास कराए। एफएसएल (FSL) रिपोर्ट में कंसेंट फॉर्म पर तारीखों की हेराफेरी और कांट-छांट की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर डीसीपी साउथ राजर्षि राज की टीम ने डॉक्टर को गिरफ्तार किया।

चौराहों पर सन्नाटा, सरकारी अस्पतालों में भीड़

ग्राउंड रिपोर्ट की मानें तो जयपुर के मानसरोवर, बिलासपुर और अजमेर रोड स्थित बड़े प्राइवेट अस्पतालों के गेट पर ताले लटके हैं। लोग दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। उधर, इस हड़ताल की वजह से सरकारी अस्पतालों (SMS और अन्य) में मरीजों का भारी दबाव बढ़ गया है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।

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