Rajasthan Highway Modernization Project: राजस्थान के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला हुआ है। विश्व बैंक ने राजस्थान राजमार्ग आधुनिकीकरण परियोजना के लिए 22.5 करोड़ डॉलर (करीब 1900 करोड़ रुपये से अधिक) के ऋण को हरी झंडी दे दी है। इस मेगा प्रोजेक्ट से न केवल सड़कों का जाल बिछेगा, बल्कि सीधे तौर पर 30 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

800 किलोमीटर हाईवे का होगा कायाकल्प
दरअसल, इस परियोजना के तहत राजस्थान के लगभग 800 किलोमीटर लंबे चुनिंदा राजमार्गों का उन्नयन (Upgrade) और रखरखाव किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इन सड़कों को क्लाइमेट फ्रेंडली यानी जलवायु के अनुकूल बनाया जाएगा ताकि खराब मौसम में भी आवाजाही बाधित न हो। गौरतलब है कि राजस्थान देश का 40% बाजार कनेक्ट करने वाला गेटवे है, लेकिन यहां का सड़क ढांचा विकास की रफ्तार से पीछे छूट गया था, जिसे अब रफ्तार मिलेगी।
रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
सूत्रों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट सिर्फ सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है। यह राजस्थान के कृषि, उद्योग, खनन और पर्यटन क्षेत्रों को आर्थिक गलियारों से जोड़ेगा। इससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा जिससे जयपुर, जैसलमेर और उदयपुर जैसे पर्यटन केंद्रों तक पहुंच आसान होगी। सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर खास जोर दिया जाएगा ताकि हादसों में कमी आए। प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य से हजारों स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा।
35 साल में चुकाना होगा कर्ज
बता दें कि इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) से मिलने वाले इस भारी-भरकम कर्ज को चुकाने के लिए राजस्थान सरकार को 35 साल का लंबा समय मिलेगा। राज्य की औसत वार्षिक वृद्धि दर 11 प्रतिशत रही है, और अब इस आधुनिक राजमार्ग संस्था के बन जाने से राजस्थान की इकोनॉमी को नए पंख लगेंगे।
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