किशनगंज। ​बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज होता जा रहा है। किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के बाद अब आर्थिक अपराध इकाई (EOW) के निशाने पर किशनगंज के टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन आ गए हैं। मंगलवार सुबह EOW की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में अभिषेक रंजन के पटना, छपरा और किशनगंज स्थित पांच ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

​आय से 1.70 करोड़ अधिक की संपत्ति का मामला

​आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 2009 बैच के पुलिस अधिकारी अभिषेक रंजन के खिलाफ अपनी वैध आय से 1,70,22,000 अधिक की संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। उन पर भू-माफियाओं से साठगांठ और पद का दुरुपयोग कर अवैध धन कमाने के गंभीर आरोप हैं। इसी के मद्देनजर एसपी ने उन्हें हाल ही में विभागीय कार्रवाई के तहत पद से हटा दिया था।

​किशनगंज से छपरा तक ताबड़तोड़ छापेमारी

  • ​किशनगंज: सुबह 8 बजे EOW की 9 सदस्यीय टीम (जिसमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं) 4 गाड़ियों से अभिषेक रंजन के आवास और चेंबर पहुंची। यह आवास थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर है। टीम उनके ड्राइवर हरेंद्र से भी पूछताछ कर रही है।
  • ​छपरा (सारण): टीम ने अभिषेक रंजन के पैतृक गांव पैगा (भेल्दी थाना क्षेत्र) में भी छापेमारी की, जहां दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
  • ​पटना: पटना के रामकृष्ण नगर स्थित देवनगर कॉलोनी में EOW की टीम डीएसपी सीपी यादव के नेतृत्व में पहुंची। हालांकि, घर पर ताला लटका होने के कारण टीम को परिजनों का इंतजार करना पड़ा।

​15 दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई

​किशनगंज पुलिस महकमे में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 15 दिनों में जिले में यह दूसरी बड़ी रेड है। इससे पहले 31 मार्च को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।

​करियर प्रोफाइल: 2009 बैच के दरोगा

​अभिषेक रंजन ने 2009 में दरोगा के रूप में पुलिस सेवा शुरू की थी। बाद में उन्हें पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के पद पर पदोन्नति मिली। किशनगंज में वे पहले बहादुरगंज और फिर दिसंबर 2024 में टाउन थाना के अध्यक्ष बने। फिलहाल, जांच एजेंसियां उनके निवेश, बैंक खातों और चल-अचल संपत्ति के दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही हैं।