अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। बिहार की सियासत में जन सुराज की सक्रियता बढ़ने के साथ ही अब जुबानी हमले भी तेज हो गए हैं। सासाराम पहुंचे जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि मुख्यमंत्री अपनी शिक्षा का ब्यौरा सार्वजनिक करने से परहेज क्यों कर रहे हैं?
छुपाना अपराध है, कम पढ़ा होना नहीं
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनोज भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री की डिग्री को लेकर पहले भी कई बार सवाल पूछे गए, लेकिन वे हमेशा इसे टालते रहे हैं। भारती ने तर्क दिया कि अब जब वे राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं, तो जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके मुख्यमंत्री कितने पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर वे केवल पांचवीं कक्षा तक भी पढ़े हैं, तो उन्हें यह स्वीकार करने में संकोच नहीं होना चाहिए। कम पढ़ा-लिखा होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन अपनी असलियत छुपाना और जनता को गुमराह करना निश्चित रूप से गलत है।
संगठनात्मक बैठक में सरकार को घेरा
मनोज भारती सासाराम में जन सुराज की संगठनात्मक बैठक में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्होंने न केवल मुख्यमंत्री की शिक्षा, बल्कि नई सरकार की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लोकतंत्र की पहली शर्त है और मुख्यमंत्री को अपनी शैक्षणिक योग्यता साझा कर इन विवादों पर विराम लगाना चाहिए।
बढ़ती राजनीतिक तपिश
बता दें कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही विपक्षी दल और जन सुराज जैसे संगठन लगातार सम्राट चौधरी को निशाने पर ले रहे हैं। मनोज भारती के इस हमले ने जिले की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब देखना यह है कि सत्ता पक्ष इस ‘डिग्री विवाद’ पर क्या सफाई देता है या फिर इसे विपक्ष का केवल एक राजनीतिक स्टंट बताकर नजरअंदाज करता है।
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