शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब 30 अप्रैल तक गेहूं की स्लॉट बुकिंग करा सकेंगे। डॉ मोहन सरकार ने 6 दिन अवधि बढ़ा दी है। इसके साथ ही गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। अब तक 1,30,655 किसानों से 57,13,640 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। किसानों को 355 करोड़ का भुगतान किया जा चुका हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 30 हज़ार 655 किसानों से 57 लाख 13 हजार 640 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 355 करोड़ 3 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 4 लाख 22 हजार 848 किसानों ने 1 करोड़ 82 लाख 96 हजार 810 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये हैं। किसान गेहूं विक्रय के लिये 30 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं।
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स्लॉट बुकिंग की क्षमता भी बढ़ाई
इसके साथ ही गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। खरीदी केंद्रों पर सभी सुविधाएं दी जा रही है। छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की व्यवस्था की गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी हैं।
2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी
आपको बता दें कि साल 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार की ओर से घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि समेत 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। गेहूं के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग और जूट के भर्ती बारदाने का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया है पंजीयन
इस साल रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार ज्यादा है। गौरतलब है कि बीते साल समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस साल युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।
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