अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सिकटिया–परशुरामपुर क्षेत्र में रेलवे प्रबंधन की ओर से एक पुराने मार्ग को अचानक बंद किए जाने से हजारों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है. इस फैसले के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) ने मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी और डीआरएम से मुलाकात कर तत्काल समाधान की मांग उठाई है.
स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग वर्षों से करीब 1000 से 1500 घरों के लिए मुख्य आवागमन का साधन था. बिना किसी पूर्व सूचना के रास्ता बंद किए जाने से स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है. सपा के चंद्रशेखर यादव ने इसे “जनविरोधी फैसला” बताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन ने बिना संवाद के ऐसा कदम उठाकर आम जनता को संकट में डाल दिया है. वहीं सत्यनारायण राजभर और पूर्व चेयरमैन मुसाफिर चौहान ने भी जनहित में मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की.
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समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष अमरनाथ जायसवाल ‘मोनू’ ने बताया कि रास्ता बंद होने से स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बाजार तक पहुंच बाधित होने के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. इस दौरान सपा प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में हुई आगलगी की घटनाओं में जली गेहूं की फसल का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया. नेताओं ने कहा कि किसानों को भारी नुकसान हुआ है, इसलिए उन्हें शीघ्र और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए. ग्रामीणों का कहना है कि सिकेटिया चौराहे से गांव तक जाने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग था और इसके बंद होने से पूरी आबादी अलग-थलग पड़ गई है. बिना वैकल्पिक व्यवस्था के लिया गया यह निर्णय क्षेत्र में गंभीर समस्या बन गया है. सपा नेताओं ने जिलाधिकारी, डीआरएम और स्थानीय सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
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