​भागलपुर/पटना। बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद में हुए खूनी संघर्ष का अंत एक और दुखद खबर के साथ हुआ। नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू, जो पिछले 11 दिनों से पटना के मेदांता अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे, शनिवार को हार गए। उनके सिर और सीने में गोलियां लगी थीं। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्णा भूषण की मौके पर ही मौत हो गई थी।

​ऑफिस बना था कुरुक्षेत्र: मीटिंग के दौरान अंधाधुंध फायरिंग

​बीती 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे, सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में सामान्य कामकाज चल रहा था। चेयरमैन राजकुमार गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण एक बैठक में व्यस्त थे। इसी दौरान मजदूरों के वेश में पांच अपराधी कार्यालय में दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, अपराधियों ने झोले में हथियार छिपा रखे थे। चैंबर में घुसते ही उन्होंने राजकुमार गुड्डू को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए अधिकारी कृष्णा भूषण को अपराधियों ने बाहर खींचकर गोली मार दी, जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई।

​वर्चस्व और 100 करोड़ की जमीन का विवाद

​इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह वर्चस्व की लड़ाई और करोड़ों की जमीन बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी, डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी का पति रामधनी यादव था। रामधनी की नजर अजगैबीनाथ ट्रस्ट की करीब 50 एकड़ जमीन पर थी, जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। चेयरमैन राजकुमार गुड्डू इस अवैध कब्जे का लगातार विरोध कर रहे थे। इसके अलावा, नगर परिषद के टेंडरों को लेकर भी दोनों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी।

​सरेंडर के बाद एनकाउंटर की कहानी

​हत्याकांड के बाद पुलिस के बढ़ते दबाव को देख मुख्य आरोपी रामधनी यादव ने 28 अप्रैल की रात ही थाने में सरेंडर कर दिया था। 29 अप्रैल को जब पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए ले गई, तो उसने और उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें रामधनी यादव को गोली लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में डीएसपी नवनीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

​प्रशासनिक खेमे में शोक

​चेयरमैन राजकुमार गुड्डू की मौत के बाद सुल्तानगंज समेत पूरे भागलपुर में तनावपूर्ण शांति है। एक ही घटना में नगर परिषद के दो शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्तियों की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।