Bhagwant Mann Statement on SGPC: अमृतसर. मजीठा में आयोजित रैली में रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अकाली दल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोला. सीएम मान ने कहा कि अकालियों की सत्ता में वापसी का मतलब फिर से बेअदबी, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और अत्याचार का दौर लौटना होगा.
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उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष खुद को गुरु गोबिंद सिंह जी का सिपाही कहने के बजाय सुखबीर बादल का सिपाही बताते हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे व्यक्ति से पंजाब की भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक संस्थाओं को गुरु साहिब की सेवा करनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक परिवार का पक्ष लेना चाहिए.
सीएम मान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति के कार्यक्रम में जाने के बजाय श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होना ज्यादा जरूरी समझा. श्री अकाल तख्त साहिब हमारे लिए सर्वोच्च है. एसजीपीसी और अकालियों की लापरवाही के कारण ही सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गायब हुए 328 पावन स्वरूपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनानी पड़ी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल पावन स्वरूपों का पता लगाना है, न कि धार्मिक संस्थाओं में दखल देना.
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धामी के प्रति आपत्तिजनक शब्दावली बंद करें: गुरप्रीत
एसजीपीसी के कार्यकारिणी सदस्य गुरप्रीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मजीठा में आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग किया. सिख कौम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती. मुख्यमंत्री को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले श्री अकाल तख्त सचिवालय में पेश होकर अपनी गलती स्वीकार कर चुके हैं और भविष्य में किसी भी तरह की आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल न करने का आश्वासन भी दे चुके हैं. इसके बावजूद फिर से अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया है.
गुरप्रीत सिंह ने कहा कि पावन स्वरूपों को लेकर मुख्यमंत्री अब भी यह शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं कि स्वरूप चोरी हुए थे या बरामद किए गए हैं, जो उचित नहीं है.
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