बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने शुक्रवार (11 सितंबर 2026) को बुलंदशहर के औरंगाबाद में विजय संकल्प रैली के जरिए चुनावी अभियान का आगाज किया. रैली में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मुस्लिम मतदाताओं से भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट होकर वोट न करने की अपील की.
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इमरान मसूद बोले- सोच-समझकर करें मतदान
इमरान मसूद ने कहा कि उम्मीदवार कौन है, इससे ज्यादा जरूरी उसकी विचारधारा है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवार इमरान मसूद हो, श्योपाल सिंह हो या सैनी समाज से कोई नेता, अगर वह विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध है तो वही समाज की रक्षा करेगा. उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के नाम पर एकजुट होने की अपील की.
भाजपा को हराने के नाम पर एकजुटता से किया आगाह
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब भी मुस्लिम समाज भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट होता है, भाजपा और मजबूत होकर लौटती है. उन्होंने प्रदेश सरकार पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई के आरोप भी लगाए. मसूद ने दावा किया कि धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और प्रदेश में नफरत का माहौल बनाया जा रहा है.
दलितों से भी साथ आने की अपील
इमरान मसूद ने दलित समाज से भी कांग्रेस के साथ आने की अपील की. उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान के साथ छेड़छाड़ करना चाहती है, लेकिन कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को साथ लेकर ही बदलाव संभव है.
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2027 को सत्ता परिवर्तन का सेमीफाइनल बताया
रैली में कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता प्रदेश सरकार को सत्ता से बाहर करेगी. यूपी चुनाव के सह प्रभारी संजीव आर्य ने 2027 को 2029 का सेमीफाइनल बताते हुए कहा कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है. पूर्व सांसद राज बब्बर ने भी कांग्रेस को देश में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला विकल्प बताया.



