सोनू वर्मा, नूंह। हरियाणा के नूंह जिले से समाज को सेहत के प्रति जागरूक करती एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को नूंह न्यायालय परिसर में एक विशेष योग कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में जिले के तमाम न्यायिक अधिकारियों (Judicial Officers) और कोर्ट के कर्मचारियों ने बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सुबह के समय आयोजित इस सत्र में सभी ने एक साथ मिलकर विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। इस सामूहिक प्रयास के जरिए पूरी कचहरी कम्युनिटी ने आम जनता को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक मजबूत संदेश दिया है।
अतिरिक्त जिला जज और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने खुद किया योगाभ्यास
नूंह कोर्ट परिसर में आयोजित इस विशेष योग सत्र में जिले के वरिष्ठ कानूनविदों ने खुद आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. राहुल बिश्नोई (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नूंह), गौरव खटाना (अतिरिक्त सिविल जज, सीनियर डिवीजन, नूंह) और निधि (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, नूंह) ने योगाभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने वहां मौजूद स्टाफ और आम लोगों को संबोधित करते हुए नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया। जजों को अपने बीच इस तरह सहज रूप से योग करते देख वहां मौजूद हर एक कर्मचारी का उत्साह दोगुना हो गया।
योग प्रशिक्षकों ने सिखाए प्राणायाम के गुण
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से बुलाए गए योग प्रशिक्षकों यानी ट्रेनर्स (Trainers) ने उपस्थित लोगों को अलग-अलग योगासनों, प्राणायाम और ध्यान लगाने की सही विधियों का बारीकी से अभ्यास कराया। इस मौके पर न्यायिक अधिकारियों ने योग के फायदों को आम भाषा में समझाते हुए कहा कि योग केवल शरीर को हिलाने-डुलाने वाला व्यायाम या कसरत नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और जीवन में सकारात्मकता लाने का एक बेहतरीन माध्यम है। रोज योग करने से काम का तनाव (Stress) कम होता है, दिमाग की एकाग्रता यानी फोकस बढ़ता है और इंसान पूरे दिन खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करता है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ी योग की जरूरत
समारोह के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि आज की इस व्यस्त और भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की आवश्यकता पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बढ़ गई है। योग हमारी महान भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जिसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है और इसे वैश्विक स्तर पर अपना रही है। उन्होंने नूंह के सभी नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में कम से कम आधा घंटा योग को देने की अपील की। इस आयोजन की वजह से पूरे न्यायालय परिसर का माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण और ऊर्जावान नजर आया। कार्यक्रम के अंत में कोर्ट के सभी कर्मचारियों ने अपनी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए इसे रोज नियम से अपनाने का संकल्प लिया।

