Indian Defence Budget-2026: आज यानी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही गई हैं। वहीं ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद पेश हुए पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय सेना (Indian Army) के लिए दिल खोलकर अपना खजाना खोला। निर्मला सीतारमण भारतीय डिफेंस बजट (भारतीय रक्षा बजट) में बड़ा इजाफा करते हुए ₹7.8 लाख करोड़ स्वीकृत किया है। यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट है।
₹2.19 लाख करोड़ का कैपिटल बजट सेना को आधुनिक हथियार, तकनीक और तैयार रहने में मदद करेगा। सरकार आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है, ताकि आयात कम हो और देश खुद मजबूत बने।
रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का बजट मिला है। यह पिछले साल के ₹6.81 लाख करोड़ से काफी ज्यादा है। आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल बजट ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में राफेल फाइटर जेट, नई स्टील्थ सबमरीन (प्रोजेक्ट 75I) और UAV/ड्रोन शामिल हैं। यह बजट आत्मनिर्भर भारत और सेना की मजबूती पर फोकस करता है।
बजट में क्या बड़ा बदलाव हुआ?
- कुल रक्षा बजट: ₹7.8 लाख करोड़ – यह पिछले बजट से लगभग 14-15% की बढ़ोतरी दिखाता है (पिछले साल 9.5% बढ़ा था)।
- कैपिटल बजट (आधुनिकीकरण के लिए): ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़. यह नई खरीद, हथियार, उपकरण और तकनीक पर खर्च होगा।
- फोकस: घरेलू उत्पादन (आत्मनिर्भर भारत), स्वदेशी हथियार और निर्यात बढ़ाना। रक्षा उत्पादन पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर है।
यह बढ़ोतरी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया में युद्ध और तनाव बढ़ रहे हैं – रूस-यूक्रेन, मध्य पूर्व, भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान सीमा पर चुनौतियां। भारत को अपनी सेना को आधुनिक बनाने की जरूरत है, जैसे ड्रोन, मिसाइल, फाइटर जेट और साइबर सुरक्षा।

प्रमुख प्रोजेक्ट्स जो पाइपलाइन में हैं
- राफेल फाइटर जेट: नौसेना के लिए अतिरिक्त राफेल-एम (26 या ज्यादा) के सौदे. पहले से वायुसेना में 36 राफेल हैं, अब और खरीद की योजना।
- सबमरीन: प्रोजेक्ट 75I के तहत 6 नई स्टील्थ सबमरीन, जिनमें AIP तकनीक होगी. यह बहुत बड़ा सौदा है।
- अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAV/ड्रोन): MQ-9B जैसे हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन, स्वदेशी ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम. हाल के संघर्षों में ड्रोन की अहमियत बढ़ी है।
- अन्य: LCA Mk1A/Mk2 तेजस फाइटर, LCH प्रचंड हेलिकॉप्टर, ब्रह्मोस मिसाइल, S-400 एयर डिफेंस और नई मिसाइल/रडार सिस्टम।
क्यों इतना बड़ा बजट?
- वैश्विक खतरे बढ़े हैं – ऑपरेशन सिंदूर जैसी घटनाओं से सबक लिया।
- रक्षा विशेषज्ञों ने 20% बढ़ोतरी की मांग की थी, जो पूरी हुई।
- निर्यात लक्ष्य: 2029 तक ₹50,000 करोड़ का रक्षा निर्यात।

एविएशन फ्यूल (ATF) का डिफेंस पर असर?
एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि Su-30MKI, राफेल, मिराज, MiG-29 जैसे फाइटर जेट और IL-78 टैंकर इसी पर चलते हैं। हाल में ATF की कीमतें ऊंची थी (जनवरी 2026 में YoY 2.2% ज्यादा, लेकिन MoM 7.2% कम). वैश्विक तेल संकट (मध्य पूर्व तनाव, रूस-यूक्रेन) से प्रभावित हुआ है।
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