Union Budget 2026: जयपुर/नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करते हुए राजस्थान को शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है. केंद्र सरकार ने देशभर के 800 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया है, जिसके तहत राजस्थान के सभी 41 जिलों में भी नए हॉस्टल तैयार किए जाएंगे.

शिक्षा जगत के लिए बड़े ऐलान: 15,000 स्कूल और 500 कॉलेज
बजट में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- देशभर में विस्तार: 15,000 नए सेकेंडरी स्कूल और 500 नए कॉलेज खोले जाएंगे.
- हर जिले में हॉस्टल: छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए देश के हर जिले में एक सरकारी गर्ल्स हॉस्टल बनेगा.
- राजस्थान को फायदा: प्रदेश के सभी 33 पुराने जिलों के साथ-साथ हाल ही में बने 8 नए जिलों में भी यह सुविधा मिलेगी.
राजस्थान के इन 41 जिलों की तस्वीर बदलेगी
वित्त मंत्री की घोषणा के बाद राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का रास्ता साफ हो गया है:
पुराने जिले: जयपुर, अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डूंगरपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर.
नए जिले: बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, दूदू, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और फलौदी.
क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सुरक्षित माहौल देना है. अक्सर सुरक्षा और आवास की समस्या के कारण लड़कियां उच्च शिक्षा बीच में ही छोड़ देती हैं.
- सुरक्षित आवास: ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को शहर में किराए के कमरों के बजाय सरकारी संरक्षण मिलेगा.
- आर्थिक बोझ कम: निजी हॉस्टलों या किराए के भारी खर्च से परिवारों को राहत मिलेगी.
- आत्मनिर्भरता: बेहतर शिक्षा और रहने की सुविधा से बेटियां रोजगार के अवसरों से जुड़ सकेंगी.
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