गयाजी। जिले के खिरियावां में वांटेड अपराधी मनोज मांझी को पकड़ने गई STF टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से दो के सिर फट गए और एक की आंख में गंभीर चोट आई है। उग्र भीड़ ने जवानों से उनकी दो सर्विस पिस्टल भी छीन ली, जिन्हें बाद में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान पास के खेत से बरामद किया।

​शराबबंदी की छापेमारी समझ भड़के ग्रामीण

​STF को सूचना मिली थी कि पेट्रोल पंप हत्याकांड का फरार आरोपी मनोज मांझी खिरियावां स्थित भुइं टोली में मौजूद है। सादे लिबास में पहुंची टीम को देखकर ग्रामीणों ने समझा कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है। इसी गलतफहमी में भीड़ ने लाठी-डंडों से जवानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जवानों ने आत्मरक्षा में पिस्टल निकाली, तो भीड़ और उग्र हो गई और हथियार लूट लिए।

​आधी रात तक चला सर्च ऑपरेशन

​घटना की सूचना मिलते ही SSP और सिटी एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन में सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की दबिश के डर से गांव के अधिकांश पुरुष फरार हैं। घायल जवानों—मणिकांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित को मगध मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

​कौन है मुख्य आरोपी मनोज मांझी?

​मनोज मांझी 11 नवंबर 2024 को हुए पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे की हत्या का मुख्य आरोपी है। इस केस में 12 में से 10 आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। हाल ही में दो अन्य की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मनोज की तलाश में थी, जो इस हिंसक घटना का केंद्र बना। पुलिस अब हमलावरों पर हत्या के प्रयास और हथियार लूट की धाराओं में कार्रवाई कर रही है।