Rajasthan Politics: वित्त आयोग के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे ‘झूठ की राजनीति’ करने वाली पार्टी करार दिया है। रविवार को भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि विधानसभा में हालिया घटनाक्रम ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस अपनी विफलताओं के बेनकाब होने के डर से सदन से भाग रही है।

अरुण चतुर्वेदी ने विधानसभा में हुए हंगामे पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बोलने से रोक दिया। उन्होंने कहा लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत में कांग्रेस ने सिर्फ इसलिए हंगामा किया क्योंकि उनके पास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘रिपोर्ट कार्ड’ का कोई जवाब नहीं था। यह कांग्रेस की आपसी फूट और सदन का समय बर्बाद करने की उनकी मंशा को दर्शाता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अशोक गहलोत ने अपने अंतिम वर्ष (2023-24) में 1426 घोषणाएं की थीं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत पर कोई काम ही शुरू नहीं हुआ।

16 फरवरी को आपत्ति क्यों नहीं की?

वित्त आयोग अध्यक्ष ने कांग्रेस के हंगामे को आधारहीन बताते हुए कहा कि सरकार का प्रगति प्रतिवेदन दस्तावेज 16 फरवरी को ही कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में रख दिया गया था। उस समय कांग्रेस के किसी भी सदस्य ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, लेकिन सदन में चर्चा से बचने के लिए उन्होंने इसे मुद्दा बनाकर प्रदेश की 8 करोड़ जनता के धन और समय का दुरुपयोग किया।

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