Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश डॉ. नूपुर भाटी की खंडपीठ ने सेंट एंड्रयूज हॉल से जुड़े यूडी टैक्स विवाद में अंतरिम राहत प्रदान करते हुए नगर निगम द्वारा 9 फरवरी को जारी वसूली वारंट की प्रभावी कार्यवाही पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता संस्था की ओर से अधिवक्ता ओम प्रकाश मेहता व अन्य ने तर्क दिया कि 11 मई 2016 को नगर निगम आयुक्त ने संस्था को विधिवत सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्ट मानते हुए यूडी टैक्स से बिना शर्त छूट प्रदान की थी। इसके बावजूद नगर निगम ने कर मांग नोटिस जारी किए और परिसर को सील कर दिया। इससे नियमित प्रार्थना सभाएं तथा पूर्व निर्धारित सामाजिक कार्यक्रम बाधित हुए। न्यायालय ने 11 फरवरी को पारित अपने प्रारंभिक आदेश में यह माना कि 2016 का छूट आदेश प्रभावी रहते हुए कर वसूली के लिए दंडात्मक कदम उठाना प्रथम दृष्टया उचित नहीं दिखता।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि संपत्ति सील किए जाने से संस्था पूर्व निर्धारित कार्यक्रम संचालित नहीं कर पा रही थी। हालांकि 11 फरवरी के आदेश की समय पर अनुपालना नहीं की गई, जिसके चलते याचिकाकर्ता संस्था को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में 17 फरवरी के आदेश के पश्चात 20 फरवरी को नगर निगम अधिकारियों ने परिसर के ताले खोले।

गौरतलब है कि वर्ष 1938 में स्थापित सेंट एंड्रयूज हॉल परिसर जोधपुर शहर की साझा सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है। तत्कालीन शासक महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा राजपूताना प्रेस्बिटेरियन मिशन को दान की गई भूमि पर बने इस हॉल और उससे जुड़े चर्च का बाद में चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया में विलय हुआ। दशकों से यह स्थान ईसाई समुदाय सहित विभिन्न वर्गों के लिए आस्था, प्रार्थना और सामाजिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है।

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