अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। रोहतास में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अब रोहतास जिले के पारंपरिक कारीगरों के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है। जिले के शिल्पकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, अब सासाराम प्रधान डाकघर और इसके अंतर्गत आने वाले सभी 48 उप डाकघरों के माध्यम से आधुनिक टूलकिट का वितरण किया जाएगा।
कौशल प्रशिक्षण के बाद मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के तहत जिन लाभार्थियों ने अपना कौशल प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, उन्हें सरकार की ओर से प्रोत्साहन के रूप में यह किट प्रदान की जा रही है। सासाराम प्रधान डाकघर में उपकरणों की पहली बड़ी खेप पहुंच चुकी है। डाकघर के कर्मचारी चंद्र बलिराम ने बताया कि वर्तमान में इन उपकरणों को प्रधान डाकघर में सुरक्षित रखा गया है, जहां से इन्हें जल्द ही सभी संबंधित केंद्रों पर भेज दिया जाएगा ताकि लाभार्थियों को उनके नजदीकी डाकघर से ही टूलकिट मिल सके।
स्वरोजगार और गुणवत्ता पर जोर
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बढ़ई, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री और दर्जी जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आधुनिक बनाना है। इन टूलकिट्स की मदद से कारीगर न केवल अपने काम की गुणवत्ता में सुधार कर पाएंगे, बल्कि कम समय में अधिक उत्पादन कर अपनी आय में भी वृद्धि कर सकेंगे।
विकास की नई उड़ान
डाक विभाग की इस सक्रियता से जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले विश्वकर्माओं को अब शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह कदम न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी धरातल पर मजबूत करेगा।
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