Holi 2026: उत्तराखंड के इन 2 गांवों में क्यों नहीं खेली जाती होली, 150 साल पुरानी मान्यता?
Holi 2026: उत्तराखंड के इन 2 गांवों में क्यों नहीं खेली जाती होली, 150 साल पुरानी मान्यता?
होली का त्योहार रंग, गुलाल और खुशियों के साथ मनाया जाता है.
होली का त्योहार रंग, गुलाल और खुशियों के साथ मनाया जाता है.
लेकिन उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला में स्थित दो गांव खुरजान और क्विली ऐसे हैं जहां पिछले 150 से अधिक सालों से होली नहीं खेली जाती.
लेकिन उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला में स्थित दो गांव खुरजान और क्विली ऐसे हैं जहां पिछले 150 से अधिक सालों से होली नहीं खेली जाती.
यहां के लोग न तो रंग लगाते हैं और न ही ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाते हैं.
यहां के लोग न तो रंग लगाते हैं और न ही ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाते हैं.
ग्रामीणों की मान्यता है कि उनकी इष्टदेवी मां त्रिपुरा सुंदरी को शोर-शराबा, हुड़दंग और चमकीले रंग पसंद नहीं हैं.
ग्रामीणों की मान्यता है कि उनकी इष्टदेवी मां त्रिपुरा सुंदरी को शोर-शराबा, हुड़दंग और चमकीले रंग पसंद नहीं हैं.
गांव के लोगों का विश्वास है कि यदि वे होली खेलेंगे तो देवी की शांति भंग होगी और इसका दुष्परिणाम पूरे गांव को भुगतना पड़ सकता है.
गांव के लोगों का विश्वास है कि यदि वे होली खेलेंगे तो देवी की शांति भंग होगी और इसका दुष्परिणाम पूरे गांव को भुगतना पड़ सकता है.
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