गुरदासपुर. गुरदासपुर पुलिस द्वारा बीते दिन रणजीत सिंह का कथित तौर पर फर्जी एनकाऊंटर किया गया. इस मामले में अब नया मोड़ लें लिया है. विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ अब एनकाउंटर में मारे गए रणजीत सिंह के परिवार ने भी अब आवाज उठाई है.इस मामले में रणजीत के परिजनों से मिलने लोग पहुंचे और उन्हें मदद का आश्वासन दिया.

इस पूरे मामले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुखपाल सिंह खैहरा आज सीमावर्ती क्षेत्र के गाँव आदियाँ पहुंचे, जहां उन्होंने ने फर्जी एनकाऊंटर में मारे गए रंजीत सिंह के परिवार से मुलाकात कर उन्हें संवेदना व्यक्त की और इस दुखद घटना के बारे में बातचीत की. खैहरा ने कहा कि जिस तरह से पंजाब पुलिस ने 19 साल के रंजीत सिंह का एक साजिश के तहत और मनघढ़ंत कहानी बनाकर फर्जी एनकाऊंटर किया गया है, बहुत ही मंदभागी घटना है. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने जो भी मनघढ़ंत कहानी बताई है वह बिल्कुल ही विश्वास के काबिल नहीं है. उन्होंने कहा कि यह कोई पहला फर्जी एनकाऊंटर नहीं है, भगवंत मान सरकार में यह 42वां फर्जी एनकाऊंटर हुआ है. उन्होंने अगर रंजीत सिंह इस कत्लकांड में शामिल होता तो क्या वह घर बैठा होता. उन्होंने कहा कि आज तक रंजीत सिंह का कोई क्रिमिनल रिकार्ड नहीं था, लेकिन फिर भी पंजाब पुलिस ने उसका फर्जी एनकाऊंटर कर दिया.

मजीठिया ने की सीबीआई जांच की मांग

वही इस मामले में पंजाब के वरिष्ठ अकाली बिक्रम मजीठिया ने पंजाब सरकार पर भी कई निशाने साधे। रंजीत के परिवार वालों से मिलने के बाद उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. मजीठिया ने कहा कि यह दुखद घटना अब नए रूप में सामने आई है. उन्होंने बताया कि पहले पंजाब सरकार ने दावा किया था कि दोनों पुलिसकर्मियों ने आपस में गोलियां चलाईं हैं और बिना किसी जांच के यह फैसला सुना दिया गया.लेकिन मामले के बढ़ने पर सरकार ने इस कहानी को नया मोड़ दे दिया और कहा कि यह आई.एस.आई. का काम है और घटना के 72 घंटे बाद रणजीत सिंह का फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया.