सोहराब आलम/ मोतिहारी। नेपाल में लोकतंत्र के महापर्व को सुरक्षित बनाने की कवायद नेपाल में आगामी चुनावों के मद्देनजर भारत और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा को 72 घंटों के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दोनों देशों की सरकारों ने आपसी समन्वय से यह बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। किसी भी प्रकार की घुसपैठ या चुनावी गड़बड़ी की आशंका को रोकने के लिए सीमाओं पर ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया गया है।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। भारतीय क्षेत्र की ओर से सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है, जबकि नेपाली सीमा पर आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की तैनाती की गई है। SSB कमांडेंट संजय पांडे के अनुसार, जवानों को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है और खुली सीमा वाले संवेदनशील इलाकों में दिन-रात की गश्त बढ़ा दी गई है।
आवाजाही पर प्रतिबंध
अगले 72 घंटों तक सीमा पर आम आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण को देखते हुए केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं (जैसे एम्बुलेंस या स्वास्थ्य सेवा) से जुड़े लोगों को ही विशेष अनुमति के आधार पर आने-जाने की छूट दी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव संपन्न होने और स्थिति की समीक्षा के बाद ही सीमा को सामान्य रूप से खोला जाएगा।
त्योहार और लोकतंत्र का संगम
सीमा सील होने के बावजूद होली और मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। भारत में कार्यरत नेपाली नागरिक मतदान के लिए अपने वतन लौट रहे हैं, तो वहीं नेपाल में कार्यरत भारतीय नागरिक होली मनाने अपने घर आ रहे हैं। सुरक्षा बल पहचान पत्र की गहन जांच के बाद ही इन नागरिकों को पैदल सीमा पार करने की अनुमति दे रहे हैं। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अफवाहों से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

