सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्ग जिले के बाद अब बलरामपुर जिले में भी अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ है। कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत त्रिपुरी के घोसरा गांव में करीब पांच एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती किए जाने का खुलासा होने से इलाके में हड़कंप मच गया है।


मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि एक बाहरी व्यक्ति ने जमीन लीज पर लेकर इस अवैध खेती को अंजाम दिया है। टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया और अफीम की फसल को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध खेती में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

अफीम की फसल को मौके पर ही नष्ट की
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से अवैध अफीम की खेती की शिकायत मिल रही थी। इसी आधार पर कुसमी पुलिस ने राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से घोसरा गांव में दबिश दी। मौके पर पहुंची टीम ने खेतों की जांच की, जहां बड़े पैमाने पर अफीम के पौधे लगे पाए गए। प्रशासन ने मौके पर ही अफीम की फसल को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अवैध खेती से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी पुलिस
पुलिस ने साक्ष्य भी एकत्रित किए हैं और इस अवैध खेती से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद अवैध अफीम की खेती में शामिल लोगों के खिलाफ NDPS Act के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान मौके पर कुसमी के एसडीएम सहित पुलिस की पूरी टीम मौजूद रही।

