केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग (दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे) से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के संशोधित आउटलाइन को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के संशोधित आउटलाइन को मंजूरी दे दी है. पीएम मोदी की मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हाइब्रिड वार्षिकी आधार पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के लिए 3630.77 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है.
31.42 किलोमीटर लंबा यह गलियारा दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी और उच्च गति का संपर्क मार्ग होगा. जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आर्थिक विकास और प्रचालन दक्षता को बढ़ावा मिलेगा. ये कॉरिडोर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा. जिससे बहुआयामी परिवहन संभव होगा. यह उच्च गलियारा संरचनात्मक सुधार के साथ ही शहरी अवसंरचना परिवर्तन, क्षेत्रीय संपर्क और राष्ट्रीय परिचालन दक्षता का महत्वपूर्ण साधन होगा.
इसे भी पढ़ें : योगी कैबिनेट की बैठक खत्म: स्टाम्प पंजीयन विभाग का प्रस्ताव मंजूर, इन 30 अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
जेवर हवाई अड्डे -दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की पूरी क्षमता के उपयोग और फरीदाबाद में सतत शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए इसका निर्माण अत्यंत आवश्यक है. इस परियोजना का लगभग 11 किलोमीटर लंबा हिस्सा एलिवेटेड मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा. ये डीएनडी-बल्लभगढ़ बाईपास और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच नए संपर्क मार्ग का महत्वपूर्ण खंड है और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ता है. यह गलियारा फरीदाबाद मास्टर प्लान, 2031 के तहत घनी आबादी वाले शहरी विकास और भविष्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार के निर्धारित क्षेत्र से होकर गुजरेगा. प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की अतिरिक्त लागत 689.24 करोड़ रुपये है. हरियाणा सरकार ने इसमें 450 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति जताई है.
इस पर सीएम योगी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को सशक्त कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई गति देगी और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के निर्माण के लिए मजबूत आधार सिद्ध होगी.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

