भागलपुर। जिले में न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार को भागलपुर न्यायालय परिसर से एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ शहर के विभिन्न कोनों में माइकिंग के जरिए लोगों को सुलभ न्याय की जानकारी देगा।

​सुलभ और सस्ता न्याय: मुख्य उद्देश्य

​प्रिंसिपल जज राजकुमार राजपूत ने बताया कि लोक अदालत का प्राथमिक लक्ष्य पक्षकारों को कम खर्च और बिना किसी मानसिक तनाव के न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार ट्रैफिक चालान से जुड़े लंबित मामलों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि एक ही व्यक्ति के कई चालान लंबे समय तक लंबित रह जाते हैं; ऐसे मामलों का निपटारा यहां आपसी सहमति से बेहद आसानी से किया जा सकेगा।

​कहलगांव और नवगछिया में भी तैयारी

​जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) की सचिव रंजीता कुमारी के अनुसार, यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। भागलपुर के साथ-साथ कहलगांव और नवगछिया अनुमंडलों में भी लोक अदालत लगाई जाएगी। इस पूरे अभियान के लिए कुल 27 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया है, ताकि अधिक से अधिक मामलों की सुनवाई एक ही दिन में पूरी की जा सके।

​नागरिकों से अपील

​अधिकारियों ने आम जनता और पक्षकारों से अपील की है कि वे सुलहनीय मामलों को लेकर लोक अदालत में पहुंचें। सचिव रंजीता कुमारी ने जोर दिया कि जिन विवादों का समाधान आपसी बातचीत से संभव है, उनके लिए 14 मार्च एक बेहतरीन अवसर है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि न्यायालयों पर बढ़ता मुकदमों का बोझ भी कम होगा।