वाराणसी. भाजपा राज में बलात्कारियों की मौज है. ऐसा इसीलिए कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि रेप की सजा काट रहे आसराम को बाबा विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी प्रोटोकॉल दिया गया. बकायदा 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में वीआईपी गेट से दर्शन के लिए जे जाया गया. हालांकि, अब योगी सरकार में बैठे जिम्मेदार सफाई पेश कर रहे हैं कि कोई भी वीआईपी प्रोटकॉल नहीं दिया गया. ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जो कि लाजमी भी है. सवाल ये कि भाजपा सरकार बलात्कारियों पर इतना मेहरबान क्यों है? रामराज की बात करने वाली भाजपा सरकार में क्या ऐसे ही रामराज आएगा?

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बता दें कि रेपिस्ट आसाराम स्वास्थ्य का हवाला देकर 6 महीने की बेल पर जेल से बाहर आया है. जो अब कहीं न कहीं घूमता नजर आ ही रहा है. पिछले 3 दिनों से आसाराम वाराणसी में रह रहा है. रविवार की शाम आसाराम काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचा. इस दौरान वह गेट नंबर 4 पहुंचा. जहां उसे बकायदा वीआईपी प्रोटोकॉल दिया गया. 50 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ वह मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा. इस दौरान आसाराम व्हीलचेयर पर बैठा नजर आया. वहीं वीआईपी प्रोटोकॉल देने के बाद फजीहत होता देख योगी सरकार के जिम्मेदार अफसर सफाई में कह रहे हैं कि कोई हंगामा न करे या फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करे, इसीलिए सुरक्षा मुहैया कराई गई.

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दरअसल, आसाराम बापू को नाबालिग लड़की से बलात्कार (2013) और महिला शिष्या के यौन उत्पीड़न (2001) के मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा हुई है. उन्हें 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने नाबालिग से रेप के लिए दोषी ठहराया था और बाद में गुजरात की अदालत ने भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसके कारण वह वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. उसके बाद भी आरोपी को बार-बार जमानत दी जा रही है. आसाराम 28 अक्टूबर से अब तक जेल से बाहर है. देखा जाए तो अब 10 बार उसे जमानत दी गई है, जो कि कई सवाल खड़े कर रहा है.