हेमंत शर्मा, इंदौर। धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई के साथ गरमा गया है। आज सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में मामले पर अहम सुनवाई होनी है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के कराए गए सर्वे की रिपोर्ट पर पक्षकारों से दावे, आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। अब सभी पक्षों की ओर से दिए गए जवाबों पर अदालत में विस्तार से बहस होगी, जिसे इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दरअसल, 23 फरवरी को हुई पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सभी पक्षकारों को निर्देश दिए थे कि वे रिपोर्ट का अध्ययन कर अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव अदालत में पेश करें। इसके बाद हिंदू पक्ष, मुस्लिम पक्ष और अन्य प्रतिवादियों की ओर से अलग-अलग आवेदन और आपत्तियां कोर्ट में दाखिल की गई हैं, जिन पर आज सुनवाई तय की गई है।

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HC ने ASI को दिए थे सर्वे के निर्देश

यह पूरा मामला उस आदेश से जुड़ा है, जो 22 मार्च 2024 को इंदौर हाईकोर्ट ने जारी किया था। कोर्ट ने विवादित भोजशाला परिसर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को वैज्ञानिक सर्वे करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद एएसआई ने करीब 100 दिनों तक लगातार सर्वे किया, जिसमें ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार, खुदाई, संरचनात्मक जांच और ऐतिहासिक अवशेषों का अध्ययन शामिल था।

दोनों पक्ष का अपना-अपना दावा

सर्वे के दौरान परिसर के अंदर कई ऐसे अवशेष मिलने का दावा किया गया, जिन्हें लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग व्याख्या सामने आई। हिंदू पक्ष का कहना है कि सर्वे में मंदिर से जुड़े प्रमाण मिले हैं, जबकि मुस्लिम पक्ष ने कई बिंदुओं पर आपत्ति उठाते हुए रिपोर्ट की व्याख्या पर सवाल खड़े किए हैं। इसी कारण हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को विस्तृत आपत्तियां और सुझाव देने का मौका दिया था।

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आज होने वाली सुनवाई अहम

आज की सुनवाई को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कोर्ट यह तय कर सकता है कि एएसआई रिपोर्ट को किस रूप में स्वीकार किया जाए, और आगे इस मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इंदौर हाईकोर्ट में होने वाली इस सुनवाई पर धार सहित पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि भोजशाला विवाद लंबे समय से धार्मिक और कानूनी विवाद का केंद्र बना हुआ है।

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