रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने इस गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 5 लग्जरी कारें बरामद कीं. यह कार्रवाई बछरावां थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई एक लग्जरी कार चोरी की शिकायत पर शुरू हुई जांच का नतीजा है. पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्परता से काम किया. जांच में सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया. यक्ष ऐप जैसी आधुनिक तकनीक की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई और गिरोह के मास्टरमाइंड सहित सभी 8 आरोपियों को पकड़ा गया.
पूछताछ के दौरान गिरोह के सदस्यों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उन्होंने बताया कि वे कार चोरी के लिए इंजन कंट्रोल सिस्टम (ईसीएस) को बदलने की तकनीक इस्तेमाल करते थे. मूल ईसीएस निकालकर अपनी दूसरी तैयार ईसीएस लगा देते थे, जिससे कार का इग्निशन, लॉक और अन्य सिस्टम आसानी से बायपास हो जाते थे. सबसे आश्चर्यजनक बात यह सामने आई कि इस तकनीक को गिरोह के सदस्यों ने यूट्यूब वीडियो देखकर सीखा था. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अब अपराधियों के लिए नई ट्रेनिंग का माध्यम बन गए हैं.
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पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था. इसका नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था. मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से लग्जरी कारें चुराई जाती थीं, फिर उन्हें अन्य राज्यों में बेचा या सप्लाई किया जाता था. गिरोह ने दर्जनों चोरियों को अंजाम दिया था, जिनमें उच्च कीमत वाली कारें शामिल थीं. पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों, छिपाई गई अन्य गाड़ियों और पूरे नेटवर्क की गहराई तक छानबीन कर रही है. अपराधियों को चेतावनी देते हुए एसपी रवि कुमार ने कहा कि अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. आधुनिक तकनीक अपराधियों के हाथों में होने से पुलिस को और सतर्क रहना होगा. यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है.
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