नई दिल्ली/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर जनता दल (यूनाइटेड) की कमान आधिकारिक रूप से अपने हाथों में लेने के लिए तैयार हैं। 19 मार्च को नीतीश कुमार ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दिल्ली के जंतर-मंतर रोड स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में चुनावी प्रक्रिया पूरी की गई।

​संजय झा ने सौंपा नामांकन पत्र

​मुख्यमंत्री की ओर से नामांकन की औपचारिकता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पूरी की। उन्होंने नामांकन पत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता और चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े को सौंपा। इस दौरान पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

​चौथी बार संभालेंगे कमान

​पार्टी के इतिहास में यह नीतीश कुमार का बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष चौथा कार्यकाल होगा।
उनके नेतृत्व के सफर पर नजर डालें तो:

​2016: पहली बार शरद यादव की जगह अध्यक्ष बने।

​2019: दोबारा निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।

​2020-2023: बीच में आरसीपी सिंह और ललन सिंह को जिम्मेदारी दी गई थी।

​2023: दिसंबर में उन्होंने फिर से पद संभाला और तब से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।

​पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारी

​नामांकन के साथ ही पार्टी अब आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, 29 मार्च को पटना में जदयू की राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हो सकती है। इस बैठक में देशभर से प्रतिनिधि जुटेंगे, जहां मुख्यमंत्री के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा और आगामी राजनीतिक प्रस्तावों पर मुहर लगेगी।

​संजय झा बने रहेंगे कार्यकारी अध्यक्ष

​पार्टी के भीतर चर्चा है कि नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनने के बावजूद ‘कार्यकारी अध्यक्ष’ की व्यवस्था बनी रहेगी। संजय कुमार झा इस जिम्मेदारी को आगे भी जारी रख सकते हैं, ताकि मुख्यमंत्री शासन और संगठन के बीच बेहतर संतुलन बना सकें।
​इसके साथ ही, बिहार प्रदेश परिषद की बैठक की तारीखें भी जल्द घोषित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री की प्रस्तावित ‘समृद्धि यात्रा’ के संशोधित शेड्यूल के कारण, ये सांगठनिक बैठकें मार्च के आखिरी हफ्ते या अप्रैल के पहले सप्ताह में संपन्न कराई जा सकती हैं। इन बैठकों के माध्यम से जदयू आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी।