किशनगंज। जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस अधिकारी पर हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें पुलिस द्वारा चालक की पिटाई की बात कही जा रही थी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह घटना 25 मार्च 2026 की है। पुलिस अवर निरीक्षक (SI) रंजीत कुमार भारती झांसी रानी चौक के पास एक लापता महिला के मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे थे। तभी एक टेम्पू ने उनकी स्कूटी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई।
पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला
जब सब-इंस्पेक्टर ने चालक को जाम हटाने और सावधानी से वाहन चलाने को कहा, तो चालक ने सहयोग करने के बजाय अपने भाई को मौके पर बुला लिया। इसके बाद अर्जुन कुमार और करण कुमार नामक दोनों भाइयों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट में SI रंजीत कुमार भारती घायल हो गए। हालांकि, बीच-बचाव के दौरान एक आरोपी को भी मामूली चोटें आईं।
वीडियो साक्ष्य और गिरफ्तारी
घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बना लिया था, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि दोनों भाई पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट कर रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिघलबैंक थाना क्षेत्र के सिंधीमाड़ी निवासी दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। घायल अधिकारी का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरगंज में कराया गया। पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है।
प्रशासन की अपील
किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्दीधारी पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, आमजन से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जहां पुलिस के दुर्व्यवहार पर कार्रवाई होती है, वहीं कानून हाथ में लेने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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