हिंदू नववर्ष की पहली कामदा एकादशी 29 मार्च को, करें ये काम
हिंदू नववर्ष की पहली कामदा एकादशी 29 मार्च को, करें ये काम
सनातन धर्म में कामदा एकादशी का खास महत्व है. यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है.
सनातन धर्म में कामदा एकादशी का खास महत्व है. यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है.
इस दिन जग के नाथ भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है.
इस दिन जग के नाथ भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है.
इस बार ये एकादशी व्रत 29 मार्च को पड़ रही है. कामदा एकादशी का व्रत जिस कामना से किया जाता है. वो पूरी होती है.
इस बार ये एकादशी व्रत 29 मार्च को पड़ रही है. कामदा एकादशी का व्रत जिस कामना से किया जाता है. वो पूरी होती है.
पारिवारिक जीवन की समस्याएं भी खत्म हो जाती हैं. कामदा एकादशी का जिक्र विष्णु पुराण में किया गया है.
पारिवारिक जीवन की समस्याएं भी खत्म हो जाती हैं. कामदा एकादशी का जिक्र विष्णु पुराण में किया गया है.
राम नवमी के बाद ये पहली एकादशी होती है. कामदा एकादशी को सांसारिक कामनाएं पूरी करने वाला व्रत माना गया है.
राम नवमी के बाद ये पहली एकादशी होती है. कामदा एकादशी को सांसारिक कामनाएं पूरी करने वाला व्रत माना गया है.
इसलिए इस व्रत को बेहद खास माना गया है. कामदा एकादशी को फलदा एकादशी भी कहते हैं.
इसलिए इस व्रत को बेहद खास माना गया है. कामदा एकादशी को फलदा एकादशी भी कहते हैं.
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 मार्च को सुबह 08:45 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 29 मार्च को सुबह 07:46 मिनट पर होगा.
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 मार्च को सुबह 08:45 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 29 मार्च को सुबह 07:46 मिनट पर होगा.
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार,29 मार्च को कामदा एकादशी मनाई जाएगी. इसी दिन इसका व्रत और भगवान विष्णु का पूजन भी किया जाएगा.
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार,29 मार्च को कामदा एकादशी मनाई जाएगी. इसी दिन इसका व्रत और भगवान विष्णु का पूजन भी किया जाएगा.
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