पटना। ​बिहार की सियासत में फायरिंग वीडियो को लेकर घमासान छिड़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रवक्ता दानिश रिजवान पर खुलेआम गोलीबारी करने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो साझा किया। RJD ने दावा किया कि बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और एनडीए सरकार में गुंडाराज चल रहा है। इन आरोपों ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।

​तेजस्वी पर विवादित टिप्पणी

​इन आरोपों पर पलटवार करते हुए दानिश रिजवान ने न केवल वीडियो को फर्जी बताया, बल्कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर बेहद निजी और तीखा हमला किया। रिजवान ने कहा कि तेजस्वी यादव को वीडियो की सत्यता की जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि शाम 6 बजे के बाद तेजस्वी होश में नहीं रहते, इसलिए वे ऐसे अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। रिजवान का स्पष्ट दावा है कि वायरल वीडियो आधुनिक AI तकनीक (डीपफेक) का उपयोग करके उन्हें बदनाम करने के लिए बनाया गया है।

​रंगदारी और साजिश का खुलासा

​दानिश रिजवान ने मामले की गंभीरता बताते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में 17 मार्च 2026 को ही आरा नगर थाना में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है। उनके भाई मोहम्मद जमाल अशरफ की शिकायत के अनुसार, कुछ अपराधी उन्हें फर्जी वीडियो के जरिए ब्लैमेल कर रहे थे। आरोपियों ने कथित तौर पर ईद के खर्चे के नाम पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इससे पहले भी जमीन विवाद को लेकर लाखों रुपये की मांग और जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी थीं।

​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

​इस साजिश में मोहम्मद फैज आजम उर्फ सिकंदर और शाहिद अली जैसे नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दानिश रिजवान के भाई का पीछा कर उन पर हमले की कोशिश भी की थी। भोजपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी शाहिद अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी फैज की तलाश में छापेमारी जारी है। रिजवान का कहना है कि इसी अपराधी गिरोह द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो अब राजनीति का हथियार बनाया जा रहा है।