लखनऊ. SIR के तहत 3.26 करोड़ वोटरों की सुनवाई पूरी हो गई है. चुनाव आयोग ने नोटिसों पर शत प्रतिशत कार्रवाई का दावा किया है. अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी. फाइनल सूची में 13.25 करोड़ से ज्यादा नाम हो सकते हैं. 12.55 करोड़ नाम पहले से सूची में शामिल थे. 1.04 करोड़ लोगों का 2003 सूची से मिलान नहीं हुआ.
दस्तावेज मांगकर घर के पास ही सुनवाई कराई गई. 2.22 करोड़ मामलों में BLO ने घर जाकर जांच की. 97 प्रतिशत से ज्यादा नाम सूची में बने रहने की उम्मीद है. प्रक्रिया के तहत 86.69 लाख नए और 3.18 लाख पुराने नाम कटने के लिए आवेदन दिए गए थे. 97 प्रतिशत से अधिक नाम सूची में बने रहने की उम्मीद है. आयोग के मुताबिक SIR प्रक्रिया को मतदाता अनुकूल बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. जिसमें दस्तावेज दस्तावेज मांगने वाले नोटिस पर घर के पास ही सुनवाई कराई गई. 2.22 करोड़ मामलों में BLO ने खुद घर जाकर सत्यापन किया.
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा स्पष्ट गया है कि बिना उचित प्रक्रिया और सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं काटा जाएगा. पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है. SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को स्वच्छ, सटीक और अपडेट रखना है, जिसमें डुप्लिकेट, मृत, स्थानांतरित या अयोग्य वोटरों को हटाया जाए और योग्य नए मतदाताओं को शामिल किया जाए.
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