अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। रोहतास जिले के सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बाराडीह गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक विधवा महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। सोमवार देर शाम हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल, तीनों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया है।
कमरे में बेसुध मिले मां और बच्चे
जानकारी के अनुसार, रेशमा खातून ने अपनी बेटी तैयबा और बेटे हमजद के साथ घर के अंदर जहरीला पदार्थ खा लिया। देर शाम तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।
दरवाजा खोलने पर तीनों अचेत अवस्था में मिले और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। आनन-फानन में परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत वाराणसी रेफर कर दिया।
पति की हत्या से सदमे में था परिवार
इस आत्मघाती कदम के पीछे एक दर्दनाक कहानी छिपी है। बीती 24 मार्च को रेशमा के पति हसन रज्जा की मुरादाबाद गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। जमीन विवाद में हुई इस क्रूरता का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें हमलावर हसन को लाठी-डंडों से पीटने के बाद रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटते नजर आए थे। पति की इस दर्दनाक मौत के बाद से रेशमा गहरे सदमे (डिप्रेशन) में थी और किसी से बात नहीं कर रही थी।
प्रशासनिक ढिलाई पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि रेशमा अपने पति की मौत के बाद से पूरी तरह टूट चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने हत्यारों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई की होती, तो शायद यह नौबत नहीं आती। वर्तमान में गांव में मातम और तनाव का माहौल है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज कर रही है, वहीं अस्पताल में तीनों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है।
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