नई दिल्ली। राजधानी में पशु कल्याण को मजबूत करने और निराश्रित गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार ने अहम पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में गौशालाओं को लीज एक्सटेंशन समझौते के प्रमाणपत्र वितरित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गायों की सेवा, संरक्षण और संवर्धन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को स्थिरता और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि निराश्रित गोवंश की देखभाल व्यवस्थित तरीके से हो सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पशुपालन इकाई के तहत संचालित चार प्रमुख गौशालाओं सुल्तानपुर डबास, रेवला खानपुर, हरेवली और सुरहेड़ा के प्रतिनिधियों को अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इन गौशालाओं के लिए चारा भुगतान, लंबित बकाया राशि के निपटान और लाइसेंस/लीज नवीनीकरण से जुड़े आदेश जारी किए। सरकार का उद्देश्य इन संस्थाओं को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।

20.26 करोड़ रुपये किए जारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल के तहत गौशालाओं के लिए कुल लगभग 20.26 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, इसमें 7.64 करोड़ रुपये जून 2024 से मार्च 2025 तक के लंबित बकाया भुगतान के लिए दिए गए हैं, जबकि 12.62 करोड़ रुपये अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक के चारे के खर्च को पूरा करने के लिए जारी किए गए हैं। इस वित्तीय सहायता से गौशालाओं के संचालन में आ रही दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, सुल्तानपुर डबास, रेवला खानपुर, हरेवली और सुरहेड़ा स्थित चारों गौशालाओं के लंबे समय से लंबित लाइसेंस और लीज समझौतों का भी नवीनीकरण कर दिया गया है। इससे इन संस्थाओं को स्थायित्व मिलेगा और वे निराश्रित गौवंश की देखभाल बेहतर तरीके से कर सकेंगी।

इन गौशालाओं में स्थानीय निकायों द्वारा लाए गए बेसहारा पशुओं के लिए भोजन, आश्रय और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गौवंश को भोजन या इलाज के अभाव का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, इस पहल के तहत गौशालाओं में बायोगैस इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे गोबर का उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा सके। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में 10 आधुनिक गौशालाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन गौशालाओं में निराश्रित गौमाता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पशुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य जल्द ही राजधानी में 40 गौशालाओं को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस करना है। इन गौशालाओं में न केवल पशुओं की देखभाल की व्यवस्था मजबूत की जाएगी, बल्कि गोबर से ऊर्जा उत्पादन (बायोगैस) को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

बेसहारा गायों को संरक्षण देने की बात

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में गौशालाओं को लेकर सरकार के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि इन्हें केवल पशु आश्रय स्थल के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और करुणा के जीवंत केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं, विशेषकर बेसहारा गायों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने गौशालाओं द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थाएं मूक प्राणियों को न सिर्फ आश्रय देती हैं, बल्कि उनके लिए भोजन, चिकित्सा और देखभाल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करती हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार गौशालाओं के सामने आने वाली किसी भी वित्तीय या प्रशासनिक बाधा को आड़े नहीं आने देगी। इसी दिशा में सरकार ने बकाया धनराशि जारी की है और लंबे समय से लंबित लाइसेंस/लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह है कि गौशाला प्रबंधन बिना किसी चिंता के पूरी तरह पशुओं की देखभाल पर ध्यान केंद्रित कर सके। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि राजधानी में कोई भी पशु सड़कों पर उपेक्षित न रहे और उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में गौशालाओं का बेहतर संचालन केवल सरकारी बजट से संभव नहीं, बल्कि इसके लिए सरकार और समाज के बीच सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार गौशालाओं को अत्याधुनिक सुविधाओं और बेहतर पशु चिकित्सा सेवाओं से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि गौशालाओं में रह रहे गोवंश को समुचित देखभाल, पोषण और इलाज की सभी सुविधाएं मिलें। इसके लिए भविष्य में नई तकनीकों, आधुनिक बायोगैस सिस्टम और बेहतर चारा प्रबंधन पर भी विशेष काम किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत संदेश है कि दिल्ली सरकार पशु अधिकारों और उनके प्रति मानवीय व्यवहार को लेकर पूरी तरह सजग और संवेदनशील है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गौशाला प्रतिनिधियों ने सरकार द्वारा समयबद्ध वित्तीय सहायता और सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे निराश्रित गोवंश की सेवा, संरक्षण और देखभाल के लिए अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाते रहेंगे।

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