नालंदा। चैत्र मास के अंतिम मंगलवार को जहां एक ओर श्रद्धालु आस्था के साथ शीतला माता की पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे, वहीं नालंदा जिले में यह दिन एक भीषण त्रासदी में बदल गया। मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर परिसर में अचानक मची भगदड़ ने खुशियों के माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें 8 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं।

​आस्था के सैलाब के बीच कुप्रबंधन बनी काल

​चैत्र अष्टमी के अवसर पर मंदिर में विशेष मेले का आयोजन था, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। दर्शन की होड़ में श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया। भीड़ के दबाव में कई लोग जमीन पर गिर गए और दब गए। 8 महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल पुरुष ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों की संख्या भी काफी अधिक है, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

​प्रशासन की कार्रवाई और जांच के आदेश

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत मंदिर और मेला क्षेत्र को खाली कराकर बंद कर दिया है। मृतकों में से फिलहाल दो महिलाओं की पहचान रीता देवी (50) और रेखा देवी (45) के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव को उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। पटना कमिश्नर को स्थिति का जायजा लेने के लिए तुरंत बिहार शरीफ भेजा गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए शोक संवेदना प्रकट की है।

​पीड़ितों के लिए राहत और मुआवजे की घोषणा

राज्य और केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों के लिए कुल 6 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है, जिसमें 4 लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग और 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए।