Mahavir Jayanti 2026 : महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है. जिसे भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में आज 31 मार्च को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर श्रद्धालु जैन मंदिरों और तीर्थ स्थलों की यात्रा कर आध्यात्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं और इसी क्रम में गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना तीर्थ विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

जैन धर्म का सबसे प्रमुख तीर्थ
शत्रुंजय पर्वत पर बसे इस पवित्र स्थल को जैन धर्म का सबसे प्रमुख तीर्थ माना जाता है. जहां एक ही पहाड़ पर 800 से अधिक संगमरमर के मंदिर बने हैं. यही कारण है कि इसे मंदिरों का शहर कहा जाता है. इस विशाल परिसर में करीब 863 मंदिर मौजूद हैं. जिनकी भव्यता और शिल्पकला श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. यहां जैन धर्म के 24 में से 23 तीर्थंकरों ने, नेमिनाथ को छोड़कर, इस पर्वत को अपनी उपस्थिति से पावन किया था.
चढ़नी पड़ती हैं 3500 सीढ़ियां
यहां पहुंचना भी श्रद्धा की एक परीक्षा जैसा माना जाता है, क्योंकि मुख्य मंदिर तक जाने के लिए करीब 3500 से 3800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. भक्त इस चढ़ाई को आस्था और साधना का हिस्सा मानते हुए पूरी करते हैं. जैन धर्म में यह भी माना जाता है कि जीवन में कम से कम एक बार यहां दर्शन करना मोक्ष की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है.
सूर्यास्त के बाद किसी को रुकने नहीं दिया जाता
यहां की एक खास परंपरा इसे और अलग बनाती है. सूर्यास्त के बाद इस पहाड़ी पर किसी भी व्यक्ति को रुकने की अनुमति नहीं होती. यहां तक कि मंदिरों से जुड़े पुजारी भी शाम होने से पहले नीचे उतर जाते हैं. इस स्थान को देवताओं का निवास मानते हुए यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

