सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब आदित्य बिरला ग्रुप के अधिकारी-कर्मचारी कथित तौर पर रात के अंधेरे में ग्रामीणों की जमीन पर जबरन शिलान्यास करने पहुंच गए। बताया जा रहा है कि देर रात कंपनी के लोग चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन जैसे ही इसकी भनक ग्रामीणों को लगी, गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध करते हुए डटकर सामना किया।

यह पूरा मामला बंधा क्षेत्र का है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर कंपनी का काम पूरी तरह वैध और पारदर्शी है, तो फिर शिलान्यास दिन के उजाले में क्यों नहीं किया गया ? रात में चोरी-छिपे शिलान्यास की कोशिश आखिर किसके इशारे पर की जा रही थी ? यही सवाल अब पूरे इलाके में गूंजने लगा है।

ये भी पढ़ें: विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामला: भोपाल में तीसरे आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर! आसिफ ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर की थी फायरिंग

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जे और दबाव की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है? क्या रात में शिलान्यास की यह कोशिश किसी बड़े खेल का हिस्सा थी? क्या ग्रामीणों की जमीन पर बिना सहमति कब्जे की तैयारी हो रही थी? बंधा की इस घटना ने कंपनी की मंशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि उनकी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध या जबरन काम नहीं होने दिया जाएगा।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m