पटना। शहर के फुलवारीशरीफ स्थित सोन नहर रोड पर गुरुवार की देर शाम उस वक्त रणक्षेत्र जैसा नजारा बन गया, जब बस एजेंटों के दो गुट आपस में भिड़ गए। सवारी बैठाने के मामूली विवाद से शुरू हुई यह लड़ाई देखते ही देखते हिंसक झड़प और पथराव में तब्दील हो गई। इस घटना में न केवल बसों को नुकसान पहुंचा, बल्कि कई निर्दोष यात्री भी चोटिल हो गए।
कहासुनी से शुरू हुआ बवाल
मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की जड़ पटना से पाली जाने वाली बसों में यात्रियों को बैठाने को लेकर थी। दो अलग-अलग बसों के एजेंटों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई। माहौल तब और बिगड़ गया जब दोनों पक्षों के बस चालक और कंडक्टर भी इस विवाद में कूद पड़े। कुछ ही मिनटों में बात जुबानी जंग से निकलकर लाठी-डंडों तक पहुंच गई।
जमकर चले ईंट-पत्थर, बस के टूटे शीशे
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों गुटों ने सड़क पर ही एक-दूसरे पर ईंट और पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। हमले की उग्रता इतनी अधिक थी कि सड़क किनारे खड़ी एक बस के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। बस के भीतर बैठे यात्रियों में अफरातफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस अचानक हुए पथराव की चपेट में आने से कई यात्रियों को मामूली और गंभीर चोटें आईं।
पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुए हमलावर
घटना के दौरान इलाके में काफी समय तक दहशत का माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। हालांकि, जब तक पुलिस की टीम मौके पर पहुंचती, उपद्रव मचा रहे एजेंट और चालक वहां से फरार हो चुके थे।
पुलिस का बयान
फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद शाहबाज आलम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। आवेदन मिलते ही दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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