कुंदन कुमार/पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों शब्दों के खेल ने हलचल मचा दी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब जेडीयू और आरजेडी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने एक सरकारी पत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि नीतीश कुमार को पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया जा रहा है जो भविष्य के सियासी बदलाव का संकेत है।

​तेजस्वी का दावा: पद से हटाने की हो रही तैयारी

​तेजस्वी यादव ने सुरक्षा संबंधी एक दस्तावेज का जिक्र करते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आधिकारिक संवाद में नीतीश कुमार को पूर्व मुख्यमंत्री दर्शाया गया है, उससे साफ झलकता है कि सरकार के भीतर ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की पटकथा लिखी जा चुकी है। तेजस्वी ने इसे नीतीश कुमार का अपमान बताते हुए कहा कि एनडीए गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है और मुख्यमंत्री को समय से पहले ही हाशिए पर धकेलने की कोशिश की जा रही है।

​जेडीयू का जवाब: जनता का बहुमत नीतीश के साथ

​तेजस्वी के इन आरोपों पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने जोरदार पलटवार किया है। नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव को जमीनी हकीकत की समझ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार की 14 करोड़ जनता ने नीतीश कुमार को पूर्ण बहुमत और जनादेश दिया है। नीरज कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को अपनी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी की चिंता करनी चाहिए, जो उन्हें बहुत मुश्किल से मिली है और निकट भविष्य में वह भी उनके हाथ से निकल सकती है।

​मार्गदर्शन में चलेगी अगली सरकार

​जेडीयू प्रवक्ता ने भविष्य की रणनीति साफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न केवल वर्तमान में नेतृत्व कर रहे हैं बल्कि अगली सरकार भी उनके ही मार्गदर्शन और विजन पर चलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के केंद्र बिंदु बने रहेंगे और उनके अनुभव का लाभ प्रदेश को लगातार मिलता रहेगा।