कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का राजेंद्र भारती मामले में बयान सामने आया है। उनका कहना है कि विधानसभा द्वारा जो भी कार्रवाई की गई वह नियमों और कानून के तहत की गई है।
तो वह अपने आप में अयोग्य हो जाता है
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि दतिया के विधायक राजेंद्र भारती के मामले में न्यायालय ने फैसला दिया और उसमें उनको दोषी सिद्ध पाया जिसके तहत 3 साल की सजा कोर्ट ने सुनाई। स्वाभाविक रूप से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की 151 की धारा 8(3) में यह प्रावधान है, 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा किसी जनप्रतिनिधि को होती है तो वह अपने आप में अयोग्य हो जाता है। इसलिए न्यायालय का निर्णय आया तो हमको सूचना मिली, साथ ही एक नागरिक ने भी कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए उसका पालन किया जाए यह भी विधानसभा में आग्रह किया। उसके बाद हम सब लोगों ने अपने वकीलों से मशवरा किया और एडवोकेट जनरल से भी राय ली गई और उस राय के मुताबिक जो कानून में प्रावधान था उसके हिसाब से निर्णय किया गया।
जो कार्यवाही विधानसभा में हुई वह विधि अनुसार
कोर्ट के निर्णय के परिपेक्ष में राजेंद्र भारती जी की जो सदस्यता थी वह अयोग्य घोषित हो गई है। इसकी सूचना चुनाव आयोग और संबंधित सरकारी पक्ष है उन सबको वह सूचना कल रात में दे दी गई है। इससे पूर्व में भी ऐसे उदाहरण हमारे सामने है। मध्य प्रदेश विधानसभा की विधायक आशा देवी के मामले में भी इस प्रकार का निर्णय आया था और सजा के आधार पर उनकी भी सदस्यता गई थी। 2019 में प्रहलाद लोधी विधायक थे उनके मामले में भी इसी प्रकार का निर्णय आया था और उन्हें भी अयोग्य घोषित किया गया था। मैं समझता हूं कि जो कार्यवाही विधानसभा में हुई है वह विधि अनुसार है और उस मामले में विधानसभा जो करना था वह काम पूरा किया है।
जवाब देने के लिए बहुत सारे लोग
कोर्ट द्वारा 60 दिन के समय दिए जाने के वाबजूद जल्दबाजी में कार्रवाई किये जाने के कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर मैं किसी आरोप प्रत्यारोप का जवाब नहीं देना चाहता हूं। विधानसभा और विधानसभा अध्यक्ष यह सामान्य तौर पर अलग प्रकार के पद हैं इनमें दलगत भावना से ऊपर उठकर ही सारा काम किया जाता है। मैं इतने दिन से अध्यक्ष हूं सभी पक्षों के लोगों से आप बात कर सकते हैं। मेरी कोशिश रहती है जो विधि अनुसार है जो नियम प्रक्रिया के अनुसार है वही काम किया जाए। जवाब देने के लिए बहुत सारे लोग हैं वह आरोप प्रत्यारोप करते रहेंगे मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना है। मैंने पूर्व में भी बताया है भारतीय जनता पार्टी की जो सदस्य थे उनकी भी सदस्यता गई थी इसी कानून के अंतर्गत गई थी और इसी विधानसभा ने निर्णय किया था।
न्यायालय का जो आदेश होगा वह सर्वोपरि
विधानसभा में राजेंद्र भारती मामले में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग करने वाले व्यक्ति से जुड़ी जानकारी के सवाल पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मिस्टर गौतम है, उन्होंने कोर्ट के सभी केसों का हवाला देकर शिकायत की थी। स्वाभाविक रूप से किसी भी नागरिक अधिकार होता है, वह कार्रवाई की मांग कर सकता है। मिस्टर गौतम ने भी उसी आधार पर शिकायत की थी। अगली प्रक्रिया हमारी तरफ से पूर्ण है अब माननीय न्यायालय इस मामले में कोई आगे आदेश देता है। न्यायालय का जो आदेश होगा वह सर्वोपरि होगा।
विधानसभा सभी की होती है सब लोग आ सकते
जीतू पटवारी के विधानसभा में विधायक ना होते हुए भी पहुंचने के मामले पर कहा कि हमारे प्रमुख सचिव बाहर थे। वह रात में 9:00 बजे के आसपास विधानसभा आए थे। इसलिए वह अपनी कार्रवाई करने के लिए और कुछ अन्य कामों की बैठक के लिए वहां पहुंचे हुए थे, स्वाभाविक रूप से विधानसभा सभी की होती है सब लोग आ सकते हैं। मैं पहले ही कह चुका हूं कि जो कुछ हुआ है वह सब माननीय न्यायालय के निर्देश अनुसार हुआ है। माननीय न्यायालय का आदेश सभी संस्थाओं के लिए सर्वोपरि होता है ।आगे कोई आदेश आएगा तो उस पर कानूनी मशवरा करके आगे बढ़ा जाएगा।
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