चंडीगढ़: पंजाब में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मंजूरी के बाद राज्य सरकार अगले सप्ताह की शुरुआत में 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजने जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, इन नामों पर UPSC की एम्पेनलमेंट कमेटी विचार करेगी और तीन अधिकारियों का पैनल तैयार करेगी। इसके बाद राज्य सरकार इस पैनल में शामिल अधिकारियों में से एक को पंजाब का नियमित DGP नियुक्त करेगी।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी रफ्तार

दरअसल, 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सहित कई राज्यों को लंबे समय तक कार्यवाहक DGP रखने पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद UPSC ने राज्य सरकार से 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव भेजने को कहा था। समयसीमा पूरी न होने पर आयोग ने रिमाइंडर भी जारी किया, जिसके बाद अब यह प्रक्रिया तेज हुई है।

वर्तमान में कार्यवाहक DGP संभाल रहे जिम्मेदारी
पंजाब में इस समय DGP रैंक के कुल 16 अधिकारी हैं, जिनमें से 14 इस पद के लिए पात्र माने गए हैं। फिलहाल गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक DGP के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

नियमों के अनुसार, नए DGP को कम से कम दो साल का निश्चित कार्यकाल दिया जाएगा, भले ही उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख कुछ भी हो। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के 2006 के निर्देशों और UPSC की गाइडलाइंस के तहत लागू है।

  • पैनल में शामिल प्रमुख अधिकारी

पैनल के लिए जिन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं, उनमें 1993 बैच की गुरप्रीत कौर देओल, डॉ. जितेंद्र कुमार जैन, शशि प्रभा द्विवेदी, शरद सत्य चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू शामिल हैं।
इसके अलावा 1994 बैच के सुधांशु शेखर श्रीवास्तव का नाम भी सूची में है। अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में प्रवीण कुमार सिन्हा, अमनदीप सिंह राय, वरुण नेराजा, अनीता पुंज, नरेश कुमार और राम सिंह के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

क्यों अहम है यह नियुक्ति

पंजाब में पिछले करीब डेढ़ साल से कार्यवाहक DGP की व्यवस्था जारी है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद स्थायी नियुक्ति जरूरी हो गई है। नए DGP की नियुक्ति से राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन में स्थिरता आने की उम्मीद है।