Lifestyle Desk : स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) बहुत हेल्दी होते हैं, लेकिन सही तरीके से न बनाए जाएँ तो नुकसान भी कर सकते हैं. गर्मी के मौसम में तो स्प्राउट्स के खराब होने का खतरा बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है और इसलिए बहुत जरूरी होता है इसके सेवन के समय सावधानी बरतना. क्योंकि गलती से भी अगर हमने दूषित स्प्राउट्स खा लिया तो ये सेहत को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचा सकते हैं. आइए आसान भाषा में पूरी सावधानियाँ समझ लेते हैं.

स्प्राउट्स खाते समय जरूरी सावधानियाँ
अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है दाल/अनाज (मूंग, चना, मेथी) को कम से कम 2–3 बार साफ पानी से धोएँ, ताकि धूल, कीटनाशक और गंदगी निकल जाए.
भिगोने का सही तरीका अपनाएँ
6–8 घंटे या रातभर साफ पानी में भिगोएँ. चाहें तो हल्का सा सिरका या नमक डाल सकते हैं, इससे बैक्टीरिया कम होते हैं.
साफ वातावरण में अंकुरित करें
गीले कपड़े या साफ कंटेनर में रखें. रोज 1 बार पानी से हल्का धो लें. बहुत ज्यादा नमी या बदबू आने लगे तो इस्तेमाल न करें.
ज्यादा दिन तक स्टोर न करें
स्प्राउट्स को 1–2 दिन के अंदर खा लें. फ्रिज में रखें, लेकिन ज्यादा दिन रखने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं.
कच्चा खाने से पहले सोचें
कमजोर इम्युनिटी, बच्चे, बुजुर्ग या गर्भवती महिलाओं को हल्का उबालकर या स्टीम करके खाना चाहिएकच्चे स्प्राउट्स में बैक्टीरिया (जैसे E. coli, Salmonella) का खतरा रहता है. खराब स्प्राउट्स की पहचान करें अगर इनमें ये लक्षण हों तो तुरंत फेंक दें. बदबू आना,चिपचिपाहट,रंग बदलना.
ज्यादा मात्रा में न खाएँ
ज्यादा खाने से गैस, पेट फूलना या अपच हो सकता है, तो संतुलित मात्रा में ही लें.
किन बीमारियों का खतरा हो सकता है?
अगर स्प्राउट्स दूषित हों तो ये समस्याएँ हो सकती हैं.
- दस्त / डायरिया
- उल्टी
- पेचिश
- टाइफाइड (गंभीर मामलों में)
सही तरीके से खाएँ तो फायदे
- अच्छी मात्रा में प्रोटीन और फाइबर
- पाचन बेहतर
- वजन कंट्रोल में मदद
- दिनभर एनर्जी बनी रहती है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

