शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम पर विवाद पर कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्षद रुबिका खान पर एक्शन की तैयारी में है। संगठन ने रुबिका खान के मामले पर संज्ञान लिया है। मामले को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले ने लल्लूराम डॉट काम से कहा- पूरे घटनाक्रम की जांच करवाई जा रही है प्रारंभिक तौर पर सामने आया है ये सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया है।

जिन पार्षदों ने ये किया वो10-15 साल से पार्षद

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा होना चाहिए थी लेकिन ये षड्यंत्रपूर्वक किया गया। जिन पार्षदों ने ये किया वो10-15 साल से पार्षद है लेकिन मुद्दा कल क्यों उठा। महिला पार्षद धमकी दे रही है दूसरी पार्टी ज्वाइन कर लेंगे कर लीजिए धमकी से कांग्रेस पार्टी को डराया नहीं जाएगा। इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक में जो हुआ वो योजना बद्ध तरीके से किया गया। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा होना चाहिए थी लेकिन परिषद की बैठक हंगामे के भेंट चढ़ गई। घटना दुर्भाग्यपूर्ण जहां जनता के मुद्दा उठने थे वहां योजनाबद्ध तरीके से ये सब हुआ।

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ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी

जिसको जाना है पार्टी से वह चले जाए ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी। जो कहता है कि कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए उसकी पार्टी में कोई जगह नहीं। रुबिका खान इतनी सीनियर पार्षद ये व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार नहीं। राष्ट्रीय वंदे मातरम का सम्मान करना सभी का अधिकार है। संविधान में ये भी अधिकार जो नहीं गाना चाहता उससे जोर जबरदस्ती नहीं किया जा सकता है। मध्यप्रदेश कांग्रेस दफ्तर में सेवादल के फिरोज सिद्दीकी सबसे वंदे मातरम गाते है फिर सब कांग्रेस कार्यकर्ता गाते है।

पार्टी में अलग-थलग पड़ीं रुबिका खान

पार्षद रुबिका खान के बयान का कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी विरोध किया है। इंदौर मामले पर आरिफ मसूद ने राजनीतिक षडयंत्र की आशंका जताई है। रुबिका खान को ऐसे शब्द नहीं बोलना चाहिए था। वंदे मातम का सम्मान सभी को करना चाहिए। वंदे मातरम को गाना और सम्मान करना दोनों अलग विषय है। गाना या नहीं गाना इस पर सुप्रीम कोर्ट भी साफ कर चुका है।

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इंदौर परिषद की बैठक में जो हुआ ये राजनीतिक षड्यंत्र है। भागीरथपुरा के मामले को दबाने के लिए ये सब किया गया। भागीरथपुरा, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर परिषद के बैठक में चर्चा ना हो इसलिए ये इसे मुद्दा बनाया गया। मामले पर कांग्रेस पार्टी संज्ञान ले और कमेटी बनाकर जांच करवाए। इस पूरे मामले में कमेटी बनाकर कार्रवाई करना चाहिए।

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