नई दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने की परंपरा अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। NDMC का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने से गंदगी बढ़ती है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कबूतरों की बीट और बचे हुए दाने से इलाके अस्वच्छ हो जाते हैं, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए परिषद ने ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है, जहां बड़ी संख्या में लोग कबूतरों को दाना खिलाते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। परिषद के अनुसार, इस साल जनवरी से अब तक ऐसे 76 लोगों के चालान काटे जा चुके हैं, जो नियमों का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डाल रहे थे।
नई दिल्ली के विभिन्न इलाकों में यह समस्या लगातार बढ़ रही थी, जहां बड़ी संख्या में लोग कबूतरों को दाना खिलाते हैं। इससे न सिर्फ गंदगी फैलती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। NDMC ने बताया कि जिन स्थानों पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग कबूतरों को दाना डालते हैं, वहां विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। इन इलाकों में नियमित रूप से सफाई कर गंदगी और पक्षियों की बीट को हटाया जा रहा है, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
कबूतरों की बढ़ती संख्या बनी परेशानी
हालिया सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि शहर के फुटपाथ, पैदल रास्तों और ट्रैफिक आइलैंड्स पर कबूतरों की बीट की मोटी परत जम रही है। इस वजह से न सिर्फ गंदगी बढ़ रही है, बल्कि आम लोगों को चलने-फिरने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर फिसलन की स्थिति बन रही है, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए पहले ही सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। परिषद का मानना है कि अनियंत्रित रूप से दाना डालने से कबूतरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे गंदगी और स्वास्थ्य से जुड़े खतरे भी बढ़ते हैं। कबूतरों की बीट से एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
कबूतरों की बढ़ती संख्या अब सिर्फ गंदगी ही नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, कबूतरों के सूखे मल के महीन कण हवा में घुलकर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इससे फेफड़ों से जुड़ी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर हाइपरसेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस जैसी बीमारी का जोखिम रहता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें फेफड़ों में सूजन आ जाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक ऐसे कणों के संपर्क में रहने से फेफड़ों को स्थायी नुकसान भी हो सकता है। इसके लक्षणों में लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न और थकान शामिल हैं। NDMC ने भी इन्हीं स्वास्थ्य खतरों को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर सख्ती बढ़ा दी है।
छात्र की याचिका से शुरू हुई कार्रवाई
कबूतरों को दाना खिलाने पर सख्ती की शुरुआत एक छात्र की याचिका से हुई थी। इस याचिका में सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों के लिए चारा बेचने वाले अवैध विक्रेताओं को हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि इन गतिविधियों के कारण शहर में गंदगी तेजी से बढ़ रही है। साथ ही कबूतरों की संख्या में इजाफा होने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि फुटपाथ, सड़क किनारे और ट्रैफिक आइलैंड्स पर कबूतरों के मल की परत जम रही है, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने कार्रवाई शुरू की और सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया। प्रशासन का मानना है कि अवैध रूप से चारा बेचने वाले विक्रेता इस समस्या को बढ़ावा देते हैं, इसलिए उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
NGT ने मांगी रिपोर्ट, निगरानी बढ़ी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में इस मामले की सुनवाई के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने से फैल रही गंदगी और स्वास्थ्य जोखिमों को गंभीरता से लिया गया। ट्रिब्यूनल ने संबंधित एजेंसियों से इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। वाब में नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने बताया कि ऐसे स्थानों की पहचान कर ली गई है, जहां बड़ी संख्या में लोग कबूतरों को दाना खिलाते हैं। इन इलाकों में अब निगरानी बढ़ा दी गई है और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
NDMC के मुताबिक, आने वाले समय में इस मुद्दे पर और सख्ती बरती जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर में साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाया जा सके। NDMC ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना न डालें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें, ताकि इस बढ़ती समस्या पर काबू पाया जा सके।
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