गाजीपुर. करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में बुधवार को पथराव हो गया. 15 अप्रैल को युवती की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों से मिलने पहुंचे सपा प्रतिनिधिमंडल पर पथराव किया गया. सपा का प्रतिनिधिमंडल कई विधायकों के साथ युवती के परिवार से मिलने कटारिया गांव पहुंचा था. आरोप है कि ग्रामीणों ने सपा नेताओं को गांव में घुसने नहीं दिया. धरने पर बैठे सपाइयों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी के बाद भिड़ंत हुई. जिसके बाद विवाद पथराव तक पहुंच गया.

जानकारी के मुताबिक दोनों ओर से जमकर पथराव किया गया. जिसमें सपा के कई नेता, कार्यकर्ता, ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में आरोपी पक्ष ने पहले पथराव किया, जिसके जवाब में कार्यकर्ताओं ने भी पथराव किया. बताया जा रहा है कि बीते 15 अप्रैल को कटारिया गांव में युवती का शव मिला था. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था. सपा नेता पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे थे, इस बीच ये घटना हुई.

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इधर इस घटना को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशान साधा है. उन्होंने कहा कि ‘गाजीपुर, करंडा, कटारिया गांव में विश्वकर्मा समाज की एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और सपा कार्यकर्त्ताओं के साथ-साथ सत्ता पोषित वर्चस्ववादी गांव के प्रधान द्वारा पुलिस पर भी पथराव प्राणघातक हमला किया गया. दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करके, उन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो. इस हमले में पूर्व मंत्री श्री राम आसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हुए हैं. भाजपा राज में न गांव सुरक्षित हैं, न शहर. उप्र अराजकता के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. प्रभुत्ववादियों का पीडीए पर हमला दरअसल 95% आबादी पर हमला है.’