Dharm Desk – अधिकतर हम भूल-चूक में ऐसी आदतें अपना लेते हैं जो धीरे-धीरे हमारे जीवन, सेहत और भविष्य पर गहरा असर डालने लगती हैं. नाखून मुंह से कुतरना भी ऐसी ही एक आदत है, जिसे हम सामान्य मानकर नजर अंदाज कर देते है. ध्यान तक नहीं देते है. किंतु ज्योतिष दृष्टिकोण से यह आदत अशुभ मानी जाती है. कुछ लोग तनाव, चिंता या टाइम पास में नाखून कुतरते है, मगर इसके पीछे छुपे संकेत बहुत अधिक गंभीर हो सकते है.

ज्योतिषाचार्य के अनुसार बार-बार नाखून मुंह से कुतरना या नाखून का टूटना इस बात का संकेत देता है कि हमारा जीवन कठिन दौर से गुजर रहा है या फिर हमे आने वाले वक्त में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है , ज्योतिष शास्त्र में नाखूनों को हमारे ग्रहों और मानसिक हालत से जोड़ा जाता है. ऐसे में हमारी ये आदत ग्रहों की खराब स्थिति का भी संकेत देती है. यह आदत राहु-केतु जैसे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को भी दिखाती है. लगातार नाखून कुतरना इस बात का संकेत हो सकता है कि व्यक्ति को अपने मन और व्यवहार पर संयम रखने की आवश्यकता है. इसके लिए हमें ध्यान, योग और अच्छी सोच को अपनाना बहुत जरूरी है.

हमारी सेहत के लिहाज

हमारी सेहत के लिहाज से भी नाखून मुंह से कुतरने से हमारी बॉडी में कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस प्रवेश कर जाते है. जिससे हमारे शरीर में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. हाथों की गंदगी मुंह के जरिए सीधे हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है. जो हमारे पेट और त्वचा से संबंधित बीमारियों को जन्म देती है. इसी वजह से डॉक्टर भी इस आदत को तुरंत छोड़ने की सलाह देते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग नाखून कुतरने की आदत से मजबूर होते हैं, ऐसे लोगों में अक्सर आत्मविश्वास की कमी पाई जाती है,ऐसे लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ या तनावग्रस्त हो सकते हैं. साथ ही इसका असर उनके व्यक्तिगत संबंधों और करियर पर भी पड़ता है. बहुत बार ऐसे लोग प्यार और व्यापार दोनों में धोखा खाने की स्थिति में आ जाते हैं, क्योंकि उनका आत्मबल कमजोर होता है.

अगर यही आदत आपकी भी हैं, तो सबसे पहले इसे स्वीकार करें और इस आदत को धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करें. अपने हाथों को व्यस्त रखें, टेंशन को कम करें और आत्मबल बढ़ाने पर काम करें. याद रखें, छोटी-सी लगने वाली यह आदत आपके जीवन पर बड़ा असर डाल सकती है, इसलिए समय रहते इसे बदलना ही जरूरी है.