संजय वाणी, आलीराजपुर। आदिवासी किसानों की जमीन, प्रस्तावित खनिज ब्लॉकों, ग्राम सभा के अधिकारों और पेसा (PESA) कानून के उल्लंघन को लेकर जोबट में हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने सरकार से जमीन और खनिज ब्लॉकों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने एक विशाल रैली निकाली और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
‘बयान नहीं, सरकारी आदेश और कागज दिखाए सरकार’
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।कागज सार्वजनिक करने की मांग: उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में जमीन और खनिज ब्लॉकों से संबंधित कोई सर्वे, टेंडर या प्रशासनिक प्रक्रिया हुई है, तो सरकार उसके दस्तावेज जनता के सामने रखे।लिखित सुरक्षा गारंटी: महेश पटेल ने कहा, “केवल जुबानी बयानों से काम नहीं चलेगा। अगर आदिवासियों की जमीन नहीं ली जा रही है, तो सरकार इसे लिखित में दे।” उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं के अधिकारों के पूर्ण पालन की मांग की।
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‘एक इंच जमीन भी छीनने नहीं देंगे’
जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए उसकी जमीन केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी आजीविका, संस्कृति और भविष्य का आधार है।विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा: उन्होंने दोटूक कहा कि अधिकारों और कानूनों की अनदेखी कर आदिवासियों की एक इंच जमीन भी नहीं जाने दी जाएगी। अगर जरूरत पड़ी, तो ग्राम सभा के अधिकारों और किसानों की जमीन का यह मुद्दा विधानसभा के पटल पर भी मजबूती से उठाया जाएगा।लिखित आश्वासन की मांग: विधायक ने स्पष्ट किया कि किसानों को मौखिक दिलासे की जगह ठोस लिखित सुरक्षा चाहिए।
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रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
इस प्रदर्शन में क्षेत्र के किसान, सरपंच, जनपद प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने ऐलान किया कि जब तक शासन-प्रशासन द्वारा जमीन और खनिज ब्लॉकों से जुड़ी स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती और लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक यह लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
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