कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। शहर में आगामी श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने मेला क्षेत्र का संयुक्त स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रामदयालु, आरडीएस कॉलेज, जिला स्कूल और बाबा गरीबनाथ मंदिर समेत प्रमुख कांवरिया मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान बैरिकेडिंग, नियंत्रण कक्ष, स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई।
दुर्घटनामुक्त और सुविधापूर्ण आयोजन पर जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला का आयोजन पूरी तरह दुर्घटनामुक्त (इंसिडेंट-फ्री) और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होना चाहिए। प्रशासनिक लापरवाही या शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर दूसरे और तीसरे सोमवार को उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि किसी को असुविधा न हो।
सुरक्षा, ट्रैफिक और संचार व्यवस्था पर विशेष निगरानी
मेला क्षेत्र में उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन और सुचारू यातायात के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। फकुली मोड़ से बाबा गरीबनाथ मंदिर तक का पूरा मार्ग अवरोधमुक्त रखा जाएगा। अनाधिकृत वेंडरों और दुकानों पर सख्त रोक रहेगी। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरों और आईसीसीसी के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा वॉच टावर, ड्रॉप गेट, पर्याप्त पुलिस बल, और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी
मेला के सफल संचालन के लिए भवन निर्माण, नगर निगम, स्वास्थ्य, पीएचईडी, आपदा प्रबंधन और विद्युत समेत कई विभागों को समन्वित रूप से काम करने को कहा गया है। पीएचईडी को पेयजल और शौचालय की व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि सिविल सर्जन को पर्याप्त एम्बुलेंस और चिकित्सकों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव लेकर लौटे।


