नितिन नामदेव, रायपुर। राजधानी रायपुर में आज एनएसयूआई ने धान घोटाले के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ता चूहे का वेश धारण कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धान खरीदी केंद्रों में “चूहों द्वारा धान खाने” के दावे का प्रतीकात्मक विरोध किया।

एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि करोड़ों रुपये के धान घोटाले में असली दोषियों को बचाने के लिए सारा ठीकरा चूहों पर फोड़ा जा रहा है। यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है। प्रदर्शन को “चूहे को न्याय” नाम देते हुए कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में NSUI ने लिखा कि छत्तीसगढ़ में सामने आया धान घोटाला सीधे किसानों, छात्र-युवाओं और आम जनता के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों एवं खाद्य विभाग के शीर्ष स्तर की भूमिका संदेह के घेरे में हैं, किंतु अब तक न तो किसी बड़े अधिकारी पर ठोस कार्रवाई हुई है और न ही जिम्मेदारी तय की गई है। चूहों को दोषी ठहराना शासन की विफलता और अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रतीक है।

एनएसयूआई ने शासन से मांग की है

  1. धान घोटाले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  2. घोटाले में संलिप्त सभी अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
  3. नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खाद्य मंत्री से इस्तीफा लिया जाए।
  4. भविष्य में इस प्रकार के घोटालों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।