रोहित कश्यप, मुंगेली। हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से बचाव के लिए जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन अभियान शुरू हो रहा है। इस बार अभियान में दवा वितरण से ज्यादा दवा सेवन पर जोर दिया जाएगा। कलेक्टर कुंदन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से आम जनता को दवा लेने और जागरूक करने की अपील की।

कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप 2030 तक देश को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। जिले में 08 लाख 51 हजार 895 से अधिक लोगों को दवा सेवन कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हाथीपाँव का कोई पूर्ण इलाज नहीं है, इसलिए समय रहते रोकथाम ही सबसे असरदार उपाय है।

इस अवसर पर फाइलेरिया जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किया गया और कलेक्टर ने स्वयं दवा की सही मात्रा लेने का संदेश देकर आम जनता को प्रेरित किया।

अभियान की रूपरेखा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि अभियान में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति दवा सेवन से बाहर रहेंगे। बाकि सभी नागरिकों को डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवा दी जाएगी। अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 1790 टीमों के 3580 से अधिक सदस्य लोगों को दवा सेवन कराएंगे।

अभियान का प्रथम चरण 10 से 12 फरवरी तक स्कूलों, महाविद्यालयों और आंगनबाड़ियों में होगा। द्वितीय चरण 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा सेवन कराई जाएगी। अंतिम माप-अप राउंड 23 से 25 फरवरी तक रहेगा। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में एमडीए कॉर्नर स्थापित किया जाएगा, जहां लोग दवा ले सकते हैं।

जनप्रतिनिधियों को भी किया जागरूक

जिला पंचायत सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों को दवा लेने और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय ने सभी को सामूहिक दवा सेवन में भाग लेने के लिए अपील की।

रोग का प्रसार और लक्षण

डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि फाइलेरिया रोग क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है। जब मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो रोगाणु मच्छर के पेट में पनपते हैं और फिर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटने पर लसिका ग्रंथियों में पहुँच जाते हैं।

इस बीमारी के लक्षण मच्छर के काटने के कई साल बाद दिखाई देते हैं, जिसमें बुखार, पाँव और अंडकोष में सूजन, और महिलाओं में स्तनों में सूजन शामिल है। क्यूलेक्स मच्छर गंदे पानी में पैदा होते हैं, इसलिए पानी जमा न होने दें और मच्छर लार्वा नष्ट करने के लिए लार्वा नाशक दवा का उपयोग करें।

कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 10 से 25 फरवरी तक दवा अवश्य लें और दूसरों को भी लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि मुंगेली जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

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