जलालाबाद। पंचायत चुनाव में जलालाबाद का गांव डब्बवाला कलां ऐसी मिसाल बन गया है, जहां लोकतंत्र की हार को कानून ने जीत में बदल दिया। 2024 में हारे हुए घोषित किए गए अक्टूबर प्रत्याशी अविनाश चंद्र ने 4 माह की कानूनी लड़ाई के बाद री-काउंटिंग में 77 वोटों से शानदार जीत दर्ज की है।
अब मामला चुनाव अधिकारियों की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर गया। अविनाश की यह जीत केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि प्रशासनिक मिलीभगत के खिलाफ बड़ा खुलासा है।

अविनाश ने का आरोप था कि विपक्ष प्रत्याशी शिक्षक था। जिस प्रजाइडिंग ऑफिसर के हाथ में निष्पक्ष चुनाव कराने की कमान थी, वह भी एक शिक्षक ही था। आरोप है कि शिक्षक ने अपने साथी कर्मियों का इस्तेमाल कर मतगणना में धांधली की और अविनाश को 114 वोट से हारा हुआ घोषित किया था।
- प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर : स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को दिए अहम निर्देश, कहा- समय पर जोखिम की पहचान कर मातृ-शिशु मृत्यु दर में लाएं कमी
- ‘ऐसी अभद्र भाषा कहां से लाते हैं?’ जाति आधारित जनगणना रोकने की PIL खारिज, CJI ने लगाई फटकार
- यमुनानगर फायरिंग केस: पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी को लगी गोली, दो गिरफ्तार
- Kota Congress News: कोटा में कांग्रेसियों के बीच चले लात-घूंसे, प्रहलाद गुंजल का नाम नहीं लिया तो भड़के कार्यकर्ता, धारीवाल गुट से भिड़ंत
- मोबाइल चोरी के विवाद में मौसी ने एक साल के भांजे को तालाब में डुबोकर मारा, भाई की शादी में पहुंची थी दोनों बहनें

